छत पर बकरी पालन: 6 लाख की कमाई कर किसान ने खरीदी स्कॉर्पियो कार

शुरुआत में 30 में से 28 बकरियां मर गईं लेकिन इस किसान ने हार नहीं मानी। आज अपनी छत पर टूटे-फूटे शेड में ही 15 लाख का बकरी फार्म चला रहे हैं और खरीद ली है स्कॉर्पियो कार।

सोचिए आप कोई नया बिज़नेस शुरू करें और शुरुआत में ही आपको इतना भारी नुकसान हो जाए कि आपकी सारी पूंजी डूबने की कगार पर आ जाए। क्या आप उस काम को दोबारा करेंगे? शायद ज्यादातर लोग हार मानकर पीछे हट जाएं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे जिद्दी और जुनूनी किसान की कहानी बताने जा रहे हैं जिन्होंने हार नहीं मानी।

राजू जी और उनकी बेटी खुशबू ने छह साल पहले जब छत पर बकरी पालन शुरू किया था तो ठंड और बीमारियों के कारण उनकी 30 में से 28 बकरियां मर गई थीं। उस वक्त उन्हें कोई खास जानकारी नहीं थी। लेकिन आज वही राजू जी अपनी उसी छत पर 15 लाख रुपये से ज्यादा की बकरियां रखे हुए हैं। इस साल उन्होंने साढ़े छह लाख रुपये की बकरियां बेची हैं और बकरी के पैसों से ही डिलीवरी के लिए एक सेकंड हैंड स्कॉर्पियो कार भी खरीद ली है।

फेल होने के बाद कैसे मिली बंपर सफलता

जब शुरुआत में भारी नुकसान हुआ तो खुशबू ने अपने पिता राजू जी को सलाह दी कि बिना ट्रेनिंग के यह काम नहीं हो सकता। राजू जी ने प्रॉपर ट्रेनिंग ली और गांव-गांव घूमकर अच्छी देसी बकरियां इकट्ठा करना शुरू किया। जब देसी बकरियों की संख्या तो बढ़ने लगी लेकिन उनका वजन नहीं बढ़ रहा था तो उन्होंने एक बड़ा बदलाव किया।

राजू जी ने अपनी कुछ बकरियां बेचकर विदेशी बोर नस्ल का एक ब्रीडर और तीन बकरियां खरीदीं। बोर नस्ल की खासियत यह है कि यह बहुत तेजी से वजन बढ़ाती है और इसे बीमारियां भी कम लगती हैं। आज उनके फार्म पर बोर क्रॉस बच्चे मात्र ढाई महीने में 22 किलो के हो जाते हैं। बोर नस्ल ने ही उन्हें आज लखपति बना दिया है।

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शेड सस्ता बनाइए और बकरी अच्छी खरीदिए

राजू जी का सबसे बड़ा और सबसे काम का मंत्र यही है कि आप फार्म बनाने में लाखों रुपये खर्च मत कीजिए। लोग अक्सर दो तीन लाख रुपये का शानदार शेड बना लेते हैं और फिर सस्ते के चक्कर में बीमार या कुपोषित बकरियां खरीद लाते हैं। महीने भर में वे बकरियां मर जाती हैं और लोग कहते हैं कि बकरी पालन घाटे का सौदा है।

राजू जी आज भी अपने 400 रुपये वाले पुराने शेड और बांस के टूटे-फूटे ढांचे में ही अपनी कीमती बकरियां रखते हैं। हाल ही में उन्होंने नीचे 800 स्क्वायर फीट का एक नया शेड बनाया है जिसमें कुल खर्च सिर्फ 33 हजार रुपये आया है। उनका कहना है कि पैसा शेड से नहीं बल्कि बकरी से आता है इसलिए हमेशा महंगी और अच्छी नस्ल की बकरी ही खरीदनी चाहिए।

बकरियों की चमक और सेहत का असली राज

राजू जी अपनी बकरियों की डाइट का बहुत खास ख्याल रखते हैं। सुबह 7 बजे बकरियों को नेपियर घास और मसूर व गेहूं के भूसे के साथ सानी बनाकर दी जाती है। दाने में वे मक्का, गेहूं और चने का चोकर उबालकर और ठंडा करके खिलाते हैं।

उनकी बकरियों की शानदार चमक का राज एक खास नुस्खा है। वे बकरियों को अजवाइन, हल्दी, काला नमक, मिनरल मिक्सचर और सरसों की खली खिलाते हैं। पानी में हमेशा चूना और हल्दी मिलाकर पिलाते हैं जिससे बकरियों को कैल्शियम मिलता है और उनका हाजमा बिल्कुल दुरुस्त रहता है। हर तीन महीने पर वे हाईटेक और अल्बोमार जैसी दवाओं से बकरियों की डिवॉर्मिंग भी करते हैं।

सफल बकरी पालन के टिप्सक्या बिल्कुल न करें
अच्छी नस्ल और महंगे ब्रीडर पर निवेश करेंलाखों रुपये का फैंसी शेड बनाने में पैसा बर्बाद न करें
दाने को हल्का बारीक पिसवाकर चारे में मिलाएंसस्ते के चक्कर में कुपोषित या बीमार बकरी कभी न खरीदें
अच्छी मां बकरी को फार्म पर ही रोक लेंबड़ी नस्ल और छोटी नस्ल की बकरियों को एक साथ न रखें
पानी में चूना और हल्दी मिलाकर पिलाएंबिना डिवॉर्मिंग और साफ-सफाई के फार्म न चलाएं

राजू जी और खुशबू की यह कहानी साबित करती है कि अगर आप जिद ठान लें और सही तरीके से काम करें तो छत पर एक छोटे से शेड से भी आप लाखों रुपये कमा सकते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि घर की लड़कियां भी इस काम को बेहद आसानी से संभाल सकती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

छत पर बकरी पालन करते समय क्या सावधानियां रखनी चाहिए?

छत पर बकरी पालन करते समय साफ-सफाई का खास ध्यान रखना चाहिए। सुबह फर्श को सर्फ पानी से धोकर वाइपर से सुखा देना चाहिए ताकि बकरियों का पैर स्लिप न करे।

बोर नस्ल की बकरी पालने के क्या फायदे हैं?

बोर नस्ल की बकरियां बहुत तेजी से वजन बढ़ाती हैं और इनमें बीमारियों से लड़ने की क्षमता काफी अच्छी होती है। इनका बच्चा ढाई से तीन महीने में ही 20 से 22 किलो का हो जाता है।

बकरियों का वजन और चमक बढ़ाने के लिए क्या खिलाएं?

चारे के साथ सरसों की खली, अजवाइन, हल्दी, काला नमक और मिनरल मिक्सचर देने से बकरियों के शरीर पर गजब की चमक आती है और उनका वजन भी बहुत तेजी से बढ़ता है।

क्या आप भी अपनी छत पर या कम जगह में ऐसा ही कोई बिज़नेस शुरू करने की सोच रहे हैं? अगर आपके मन में कोई सवाल है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं।

व्यावसायिक अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख एक किसान के व्यक्तिगत अनुभव और सफलता पर आधारित है। पशुपालन व्यवसाय में जगह, मौसम और बीमारियों के अनुसार हमेशा वित्तीय जोखिम बना रहता है। बड़े स्तर पर बकरी पालन शुरू करने से पहले किसी विशेषज्ञ या पशु चिकित्सा अधिकारी से उचित प्रशिक्षण जरूर लें।

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