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Sushant Singh Rajput Case: 5 बड़े खुलासे और CCTV का सच!

1 hour ago
Sandeep Kumar Singh

Sushant Singh Rajput Case की बंद फाइलें अचानक फिर से खुल गई हैं, जिससे बॉलीवुड के कई रसूखदार चेहरों की नींद उड़ गई है। आखिर ऐसा कौन सा विस्फोटक सबूत सामने आ गया है जिसने जांच एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं? माया नगरी मुंबई के चमचमाते गलियारों में इस वक्त एक ऐसा सन्नाटा पसरा है, जो किसी बड़े तूफान से पहले का होता है। जिस घटना को महज एक डिप्रेशन और आत्महत्या बताकर रफा-दफा करने की कोशिश की गई थी, आज उसी Sushant Singh Rajput Case की हर एक सीलबंद रिपोर्ट, डिलीट हुआ डिजिटल डेटा और मुर्दाघर से आई हैरान करने वाली गवाही नए सिरे से खंगाली जा रही है। आइए जानते हैं इस केस की वो 5 इनसाइड स्टोरी जिसे सालों तक पर्दे के पीछे दबाकर रखा गया था।

Sushant Singh Rajput IMAGE

1. 8 जून 2020 की काली रात और दिशा सालियान का सच

इस दिल दहला देने वाले सिलसिले की शुरुआत 14 जून को नहीं, बल्कि उससे छह दिन पहले यानी 8 जून 2020 की काली रात को हुई थी। मलाड की एक बिल्डिंग के 14वें माले पर उस रात एक हाई-प्रोफाइल पार्टी चल रही थी, जिसमें पूर्व सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान मौजूद थीं। अचानक आधी रात को खबर फैलती है कि दिशा 14वें माले से नीचे गिर गई हैं।

पुलिस ने फौरन इसे हादसा बताकर फाइल बंद कर दी, लेकिन साइंस और फिजिक्स के नियम कुछ और ही कहानी बयां कर रहे थे। जब कोई इंसान 140 फीट की ऊंचाई से टर्मिनल वेलोसिटी के साथ कंक्रीट पर गिरता है, तो उसके चेहरे और सिर की हड्डियों का चकनाचूर होना तय है। लेकिन दिशा की नाक की हड्डी (Nasal Bone) लगभग सुरक्षित थी। इसके अलावा, उनका शरीर इमारत की बेसलाइन से पूरे 10 फीट की दूरी पर पड़ा मिला था, जो साफ इशारा करता है कि शरीर पर बाहर से कोई जबरदस्त धक्का लगाया गया था। Sushant Singh Rajput Case में दिशा सालियान की यह घटना सबसे अहम कड़ी मानी जाती है।

2. सुशांत का डर और 14 जून की मनहूस सुबह

दिशा सालियान की मौत की खबर जब बांद्रा के मोंट ब्लैंक अपार्टमेंट में पहुंची, तो सुशांत सिंह राजपूत के पैरों तले जमीन खिसक गई। सुशांत बेचैन थे और बार-बार कह रहे थे कि अब उन्हें फंसा दिया जाएगा। वह उस रात इंटरनेट पर लगातार दिशा से जुड़ी खबरें सर्च कर रहे थे।

फिर आई 14 जून 2020 की सुबह। सुशांत ने जूस लिया और अपने कमरे में चले गए। जब दरवाजा नहीं खुला, तो चाबी वाले को बुलाकर ताला तोड़ा गया। सुशांत कमरे में बेजान पाए गए। सबसे हैरानी की बात यह थी कि कमरे में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। इसके बावजूद, बिना किसी फॉरेंसिक एक्सपर्ट की गहन जांच के मुंबई पुलिस ने चंद घंटों के भीतर इसे मानसिक परेशानी का नतीजा घोषित कर दिया। कमरे को सील करने में लापरवाही बरती गई, जिससे सबूतों से छेड़छाड़ का पूरा मौका मिला।

3. कूपर अस्पताल का खौफनाक सच

Sushant Singh Rajput Case में सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आया जब कूपर अस्पताल के मोर्चरी कर्मी रूप कुमार शाह ने सालों बाद एक स्टिंग ऑपरेशन में सच उगल दिया। शाह ने बताया कि सुशांत के शरीर पर जो निशान थे, वे फंदे के नहीं बल्कि संघर्ष के थे।

  • गले का निशान: वैज्ञानिक तौर पर फंदे का निशान 'V' शेप में ऊपर की तरफ जाता है, लेकिन सुशांत के गले पर यह निशान बिल्कुल गोल (O-Shape) और हॉरिजॉन्टल था।
  • पोस्टमार्टम में लापरवाही: डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का समय (Time of Death) ही नहीं लिखा। एम्स (AIIMS) दिल्ली के फॉरेंसिक प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता ने भी इस पर कड़ी आपत्ति जताई थी। रात के अंधेरे में कृत्रिम रोशनी (Artificial Light) में पोस्टमार्टम करना मेडिकल नियमों के सख्त खिलाफ था।

4. डिलीट हुए डेटा और रिया चक्रवर्ती के कॉल्स

सीबीआई की साइबर टीम ने जब हार्ड डिस्क और सर्वर्स का स्कैन किया, तो पता चला कि बहुत ही सफाई से डेटा को मिटाया गया था। लेकिन डिजिटल दुनिया में डिलीट की गई फाइलों को रिकवर किया जा सकता है। पुलिस कस्टडी में सील होने के बावजूद, सुशांत और दिशा के फोन कई दिनों तक नेटवर्क पर एक्टिव थे। WhatsApp मैसेज भेजे और पढ़े जा रहे थे। जब रिया चक्रवर्ती के कॉल रिकॉर्ड्स खंगाले गए, तो पता चला कि उन्होंने दिग्गज फिल्म निर्माता महेश भट्ट को 16 बार फोन किए थे। इतना ही नहीं, उस नाजुक समय में रिया और बांद्रा के तत्कालीन डीसीपी के बीच लगातार कॉल्स और मैसेज का आदान-प्रदान हो रहा था। Sushant Singh Rajput Case की यह जानकारी सिस्टम के अंदर बैठे भेदियों की ओर इशारा करती है।

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5. सुशांत की डायरी: एक दूरदर्शी और वैज्ञानिक दिमाग

इस पूरे Sushant Singh Rajput Case में सबसे बड़ा झूठ सुशांत के डिप्रेशन की कहानी को लेकर गढ़ा गया। जब साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी की गई, तो पता चला कि सुशांत का व्यक्तित्व किसी निराश इंसान का नहीं था। वह क्वांटम मैकेनिक्स, न्यूरोसाइंस और ब्रह्मांड के रहस्यों में गहरी दिलचस्पी रखते थे। उनकी '50 सपनों की डायरी' में जिनेवा की CERN लैब का दौरा करना, छात्रों को NASA भेजना, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर काम करना और हवाई जहाज उड़ाना शामिल था। उन्होंने एक टेक कंपनी 'Insae Ventures' भी शुरू की थी और वे नीति आयोग के ब्रांड एंबेसडर भी थे। अंतरिक्ष की दुनिया को समझने के लिए उन्होंने अमेरिका में एस्ट्रोनॉट जैसी कड़ी ट्रेनिंग भी ली थी। क्या ऐसा दूरदर्शी इंसान अचानक हार मान सकता है?

निष्कर्ष: क्या सच सामने आएगा?

दिशा सालियान का 14वें माले से गिरना, सुशांत के गले के हॉरिजॉन्टल निशान, कूपर अस्पताल में रात के अंधेरे में पोस्टमार्टम, पुलिस कस्टडी में फोन का इस्तेमाल होना और सुशांत के घर में ड्रग्स का सिंडिकेट—ये सभी कड़ियां चीख-चीख कर कह रही हैं कि यह कोई साधारण डिप्रेशन का मामला नहीं था।

आज भी जब 6 साल बीत चुके हैं, सवाल वही हैं। क्या सीबीआई की अंतिम चार्जशीट उन तमाम रसूखदार चेहरों के नकाब उतार पाएगी? Sushant Singh Rajput Case की यह अनसुलझी पहेली तब तक जिंदा रहेगी, जब तक उस बंद कमरे का आखिरी सच पूरी दुनिया के सामने बेपर्दा नहीं हो जाता।

(Gyan Hindi Facts)

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