अक्सर जब हम थोड़ा तेज चलते हैं या सीढ़ियां चढ़ते हैं तो पैरों की पिंडलियों में दर्द होने लगता है। थोड़ी देर रुकने पर यह दर्द गायब भी हो जाता है। हम में से ज्यादातर लोग इसे उम्र का असर, कैल्शियम की कमी या सामान्य कमजोरी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन डॉक्टर सलीम के अनुसार यह हाई कोलेस्ट्रॉल और नसों में ब्लॉकेज का एक बहुत बड़ा वार्निंग साइन हो सकता है।
इंटरनेट पर आपको ऐसे कई वीडियो मिल जाएंगे जो दावा करते हैं कि कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर शरीर पहले से कई संकेत देता है। सच्चाई यह है कि हाई कोलेस्ट्रॉल की सबसे खतरनाक बात यही है कि अक्सर इसका कोई शुरुआती लक्षण होता ही नहीं है। लेकिन जब यह नसों में जमा होने लगता है तो शरीर कुछ खास इशारे जरूर देता है।
कोलेस्ट्रॉल शरीर का दुश्मन नहीं है
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि कोलेस्ट्रॉल अपने आप में कोई जहर नहीं है। हमारे शरीर को सेल्स और जरूरी हार्मोन बनाने के लिए कोलेस्ट्रॉल की आवश्यकता होती है। असली समस्या तब शुरू होती है जब एलडीएल यानी बैड कोलेस्ट्रॉल बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।
यह एलडीएल धीरे-धीरे हमारी नसों की दीवारों में जमा होने लगता है। इसे आप पानी के पाइप में जमने वाले मैल की तरह समझ सकते हैं। इस जमाव को प्लैक कहा जाता है। जब यह जमाव बढ़ता है तो खून के गुजरने का रास्ता तंग हो जाता है जिससे आगे चलकर हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।
आंखों और त्वचा पर दिखने वाले शुरुआती निशान
अगर आपकी आंखों की पलकों के आसपास पीले या हल्के येलो कलर के उभरे हुए निशान दिखाई देते हैं तो यह जेंथलाज्मा हो सकता है। कम उम्र में इन निशानों का दिखना एक अलार्मिंग साइन है जो बताता है कि आपका कोलेस्ट्रॉल हाई हो सकता है। यह अक्सर खानदानी कोलेस्ट्रॉल का संकेत होता है।
इसके अलावा कुछ लोगों की उंगलियों के जॉइंट्स, कोहनी, घुटने या एड़ी के पीछे की मोटी नस में सूजन या सख्त गांठ बन जाती है। तीसरी चीज है आंख के काले हिस्से के बाहर एक सफेद, ग्रे या हल्का नीला घेरा दिखाई देना। अगर यह घेरा पैंसठ या सत्तर साल की उम्र में दिखे तो यह सामान्य बात है लेकिन कम उम्र में इसका दिखना खतरे की घंटी है।
नसों में ब्लॉकेज के दो गंभीर इशारे
जब आप बैठे होते हैं तो बिल्कुल ठीक महसूस करते हैं लेकिन थोड़ा चलने या सीढ़ियां चढ़ने पर सीने में जकड़न, प्रेशर या भारीपन महसूस होता है। अगर रुकने पर यह भारीपन ठीक हो जाए तो यह बताता है कि आपके हार्ट तक खून पहुंचाने वाली नसें तंग हो रही हैं। इसे गैस या एसिडिटी समझने की गलती नहीं करनी चाहिए।
अगर आपको सीने में बहुत तेज दर्द हो जो आराम करने पर भी ठीक न हो, साथ में पसीना आए और सांस फूले तो घर पर कोई नुस्खा न आजमाएं। यह हार्ट अटैक हो सकता है और ऐसे में तुरंत मेडिकल सहायता लेनी चाहिए।
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पिंडलियों में दर्द को न करें नजरअंदाज
जब आप चलते हैं तो आपके पैरों की मांसपेशियों को ज्यादा खून की जरूरत होती है। अगर आपके पैरों की नसें बैड कोलेस्ट्रॉल के कारण ब्लॉक हो रही हैं तो वहां पर्याप्त ऑक्सीजन और न्यूट्रिशन नहीं पहुंच पाता।
इसी वजह से चलते समय पिंडलियों में तेज दर्द, खिंचाव या भारीपन होने लगता है और रुकने पर यह दर्द कम हो जाता है। मेडिकल भाषा में इसे पेरिफेरल आर्टरी डिजीज कहा जाता है। इसे हड्डियों की कमजोरी या विटामिन डी की कमी समझने की भूल नहीं करनी चाहिए।
कोलेस्ट्रॉल की सही जांच और डाइट का तरीका
डॉक्टर सलीम बताते हैं कि रिपोर्ट में सिर्फ टोटल कोलेस्ट्रॉल का नंबर देखकर खुश या परेशान नहीं होना चाहिए। आपको एलडीएल और ट्राइग्लिसराइड्स के लेवल पर ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा एलपीए नाम का एक टेस्ट भी होता है जो जेनेटिक कोलेस्ट्रॉल के बारे में बताता है।
पतले और हेल्दी लोगों का भी एलपीए हाई हो सकता है। इसलिए एडल्टहुड में कम से कम एक बार यह टेस्ट जरूर कराना चाहिए। डाइट की बात करें तो आपको भूखा रहने की जरूरत नहीं है बस अपने खाने में सॉल्यूबल फाइबर को शामिल करें।
ओट्स, जौ, दालें, राजमा, भिंडी, सेब और इसबगोल फाइबर के बहुत अच्छे स्रोत हैं। बादाम, अखरोट और अलसी को सीमित मात्रा में खाएं। देसी घी खाना बुरी बात नहीं है लेकिन इसमें सैचुरेटेड फैट होता है। इसलिए अगर आपका एलडीएल बढ़ा हुआ है तो घी और बटर का सेवन बहुत कम कर देना चाहिए।
| क्या करें | क्या न करें |
| हर साल अपना पूरा लिपिड प्रोफाइल और एलपीए टेस्ट करवाएं | सीने के भारीपन या पिंडलियों के दर्द को सिर्फ गैस या कमजोरी न समझें |
| डाइट में ओट्स, दालें और सेब जैसे फाइबर वाले फूड शामिल करें | आंखों के पास पीले निशानों को सामान्य स्किन की समस्या मानकर न छोड़ें |
| कुकिंग के लिए सरसों या कच्ची घानी के तेल का सीमित उपयोग करें | बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ा होने पर देसी घी या बटर का ज्यादा सेवन न करें |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
हाई कोलेस्ट्रॉल के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं?
ज्यादातर मामलों में हाई कोलेस्ट्रॉल का कोई शुरुआती लक्षण नहीं होता है। इसीलिए इसे जानने के लिए समय-समय पर ब्लड टेस्ट करवाना बहुत जरूरी होता है।
आंखों के पास पीले निशान क्या दर्शाते हैं?
आंखों के आसपास उभरे हुए पीले निशान शरीर में कोलेस्ट्रॉल के जमा होने का संकेत हो सकते हैं। कम उम्र में इनका दिखना खानदानी कोलेस्ट्रॉल का इशारा हो सकता है।
चलने पर पिंडलियों में दर्द क्यों होता है?
पैरों की नसों में कोलेस्ट्रॉल जमा होने से ब्लड सर्कुलेशन कम हो जाता है। इस वजह से चलने पर पिंडलियों में भारीपन और तेज दर्द महसूस होता है।
एलडीएल और एलपीए टेस्ट में क्या अंतर है?
एलडीएल बैड कोलेस्ट्रॉल है जो खराब डाइट से भी बढ़ता है जबकि एलपीए जेनेटिक कारणों से बढ़ता है और यह पतले लोगों में भी हाई हो सकता है।
क्या कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर देसी घी खाना छोड़ देना चाहिए?
देसी घी में सैचुरेटेड फैट होता है जो एलडीएल को बढ़ा सकता है। इसलिए अगर आपका कोलेस्ट्रॉल हाई है तो घी का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।
चिकित्सीय अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख डॉ. सलीम द्वारा दी गई सामान्य स्वास्थ्य जानकारी पर आधारित है। इसे किसी पेशेवर मेडिकल सलाह, निदान या उपचार के विकल्प के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। सीने में दर्द, पसीना आने या कोलेस्ट्रॉल से जुड़ी किसी भी गंभीर समस्या के लिए तुरंत किसी योग्य डॉक्टर (Cardiologist) से संपर्क करें।






