18 साल की उम्र में जहां ज्यादातर युवा अपनी पढ़ाई और करियर को लेकर कंफ्यूज रहते हैं, वहीं भदोही (यूपी) के कटरा गांव के रहने वाले शुभम यादव ने एक बड़ी मिसाल कायम की है।
सिर्फ 2 गायों से डेयरी की शुरुआत करने वाले शुभम आज 20 से 25 गाय-भैंसों का सफलतापूर्वक पालन कर रहे हैं। उनका यह डेयरी फार्मिंग बिजनेस आज रोजाना 200 लीटर दूध का उत्पादन कर रहा है। आखिर इतनी कम उम्र में उन्होंने यह कमाल कैसे किया और उनके फार्म का मैनेजमेंट कैसा है?
दूध बेचने के इस खास तरीके ने बढ़ा दिया मुनाफा
ज्यादातर किसान अपने पशुओं का दूध निकालकर सीधे डेयरी पर 50 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बेच देते हैं। लेकिन शुभम ने इस बिजनेस में थोड़ा अलग दिमाग लगाया।
उन्होंने सिर्फ दूध बेचने की बजाय दूध से खोवा, पनीर और दही जैसे प्रोडक्ट बनाने शुरू किए। इन प्रोडक्ट्स के सीधे ऑर्डर लेने से उन्हें अपने दूध की कीमत 80 से 85 रुपये प्रति लीटर तक मिलने लगी। थोड़ी सी एक्स्ट्रा मेहनत ने उनके मुनाफे को सीधे डबल कर दिया और इनकम काफी अच्छी हो गई।
यह भी पढ़ें: बकरी पालन में 70% मुनाफा चाहिए तो बरबरी नस्ल और ये तरीके अपनाएं
कैसी है गाय-भैंसों की नस्ल और शेड का मैनेजमेंट?
शुभम के फार्म पर एचएफ (HF), एचएफ क्रॉस और जर्सी गायें मौजूद हैं, जो हाई मिल्किंग वाली हैं। भैंसों में उन्होंने बन्नी और मुर्रा नस्ल रखी है। उनके फार्म पर मौजूद भैंसें आराम से 16 से 17 लीटर तक दूध दे रही हैं।
उनके शेड का मैनेजमेंट भी काफी शानदार है। करीब 6 से 7 लाख रुपये की लागत से उन्होंने 1500 स्क्वायर फीट (30 फीट चौड़ा और 50 फीट लंबा) का शेड तैयार किया है। इसके बाहर 36-37 फीट चौड़ी और 60 फीट लंबी खुली चरनी (खिलाने की जगह) है। इसमें पानी पीने की सुविधा भी है और एक साथ 40 पशु आराम से खा सकते हैं।
ज्यादा दूध के लिए क्या होना चाहिए पशुओं का चारा?
शुभम का मानना है कि दूध का सीधा कनेक्शन पशु की डाइट से होता है। उनके फार्म पर पशुओं को सूखा और गीला, दोनों तरह का चारा दिया जाता है। चोकर, चुनी, सरसों की खली, अलसी की खली और पशु आहार डाइट का मुख्य हिस्सा हैं। हरा चारा के रूप में बरसीम भी खिलाई जाती है।
एक भैंस को एक टाइम में करीब 5 से 6 किलो फीड दिया जाता है। डाइट जितनी अच्छी होगी, मिल्किंग भी उतनी ही शानदार मिलेगी। भविष्य में उनका लक्ष्य 30 लीटर दूध देने वाली गाय और 20-22 लीटर वाली भैंसें तैयार करना है।
| डेयरी फार्मिंग बिजनेस: भ्रम और सच्चाई | |
| भ्रम: डेयरी का बिजनेस कम उम्र के युवाओं के बस की बात नहीं है। | सच्चाई: 18 साल के शुभम ने साबित किया है कि अगर मेहनत और लगन हो, तो उम्र मायने नहीं रखती। |
| भ्रम: डेयरी में सिर्फ दूध बेचने से ही कमाई होती है। | सच्चाई: दूध के साथ-साथ पनीर, खोवा और दही जैसे प्रोडक्ट बनाकर मुनाफे को डबल किया जा सकता है। |
| भ्रम: अच्छी मिल्किंग के लिए सिर्फ अच्छी नस्ल काफी है। | सच्चाई: अच्छी नस्ल के साथ-साथ सही डाइट (चोकर, खली, हरा चारा) देना भी उतना ही जरूरी है। |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q. 18 साल के शुभम ने डेयरी फार्म की शुरुआत कितने पशुओं से की थी?
Ans. शुभम ने शुरुआत में मात्र 2 गाय खरीदकर अपने डेयरी बिजनेस की नींव रखी थी, जो आज बढ़कर 20-25 पशुओं तक पहुंच गई है।
Q. दूध को 50 रुपये की बजाय 80-85 रुपये लीटर में कैसे बेचा जा सकता है?
Ans. दूध को सीधे डेयरी में बेचने के बजाय उससे पनीर, खोवा और दही जैसे उत्पाद बनाकर सीधे ग्राहकों या ऑर्डर पर बेचने से अच्छी कीमत मिलती है।
Q. हाई मिल्किंग के लिए कौन सी गाय और भैंस की नस्ल अच्छी होती है?
Ans. गायों में एचएफ (HF), एचएफ क्रॉस और जर्सी, वहीं भैंसों में मुर्रा और बन्नी नस्ल हाई मिल्किंग (15-20 लीटर) के लिए बेहतरीन मानी जाती हैं।
Q. 20-25 पशुओं के लिए शेड बनवाने में कितनी लागत आती है?
Ans. 1500 स्क्वायर फीट का शेड और बाहर की खुली चरनी तैयार करवाने में लगभग 6 से 7 लाख रुपये तक की लागत आ सकती है।
Q. दूध बढ़ाने के लिए पशुओं को डाइट में क्या खिलाना चाहिए?
Ans. पशुओं को चोकर, अरहर/चने की चुनी, सरसों और अलसी की खली के साथ हरा चारा (जैसे बरसीम) खिलाना चाहिए।
विशेषज्ञ अस्वीकरण: यह लेख एक युवा डेयरी फार्मर के सफल अनुभव पर आधारित है। कोई भी कृषि या डेयरी व्यवसाय शुरू करने से पहले स्थानीय बाजार की स्थिति को समझें और पशु चिकित्सा विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें।








