बारिश में बीमारियों से बचने के उपाय आज हर घर की सबसे बड़ी जरूरत बन चुके हैं, क्योंकि मानसून की पहली फुहार पड़ते ही अस्पतालों में वायरल बुखार, सर्दी-खांसी और पेट के मरीजों की लंबी लाइनें लग जाती हैं। बारिश का मौसम आते ही हम सबके चेहरे पर एक अलग ही मुस्कान आ जाती है। ठंडी हवा, मिट्टी की खुशबू और रिमझिम बूंदें मन को खुश कर देती हैं। लेकिन अक्सर हम इस मौसम की खूबसूरती में ऐसे खो जाते हैं कि अपनी सेहत के सबसे जरूरी नियमों को नजरअंदाज कर देते हैं।
नतीजा यह होता है कि सर्दी-जुकाम, गले में खराश, वायरल बुखार, भयंकर एसिडिटी, फूड पॉइजनिंग और शरीर में हर वक्त रहने वाली सुस्ती हमें जकड़ लेती है। आयुर्वेद और योग विज्ञान का मानना है कि वर्षा ऋतु में इंसान की पाचन शक्ति (जठराग्नि) साल के बाकी महीनों के मुकाबले सबसे ज्यादा कमजोर हो जाती है। अगर आप चाहते हैं कि इस सुहाने मौसम में आपके घर का कोई भी सदस्य बीमार न पड़े, तो आइए विस्तार से जानते हैं बारिश में बीमारियों से बचने के उपाय और वो 5 बड़ी गलतियां जिन्हें आपको आज से ही बंद कर देना चाहिए।
1. बारिश में भीगने के बाद न करें ये लापरवाही
मानसून में काम के सिलसिले में बाहर निकलते वक्त भीग जाना बहुत सामान्य बात है, लेकिन घर या ऑफिस पहुंचने के बाद हम जो गलती करते हैं, वही बुखार और निमोनिया को न्योता देती है:
- पैरों को तुरंत गर्म सेक दें: अगर आप बारिश में भीगकर घर लौटे हैं, तो सबसे पहले अपने पैरों को साफ करके उन्हें गर्म सेक दें। सबसे बेहतरीन तरीका यह है कि एक टब में हल्का गर्म पानी लें और 5 से 10 मिनट के लिए अपने पैरों को उसमें डुबोकर बैठ जाएं। इससे शरीर की नसों में तुरंत गर्माहट पहुंचती है और ठंड लगने का खतरा 90% तक टल जाता है।
- AC और पंखे से बनाएं दूरी: गीले कपड़ों या गीले बालों के साथ कभी भी एसी (AC) वाले कमरे में कदम न रखें और न ही सीधे तेज पंखे के नीचे बैठें। अगर गर्मी लग रही हो तो हाथ के पंखे का इस्तेमाल करें। गीले शरीर पर ठंडी हवा लगने से श्वास प्रणाली (Respiratory System) तुरंत प्रभावित होती है।
- एक्स्ट्रा कपड़े और सिर की सुरक्षा: बारिश के दिनों में अपने बैग में हमेशा एक जोड़ी सूखे कपड़े और एक्स्ट्रा फुटवेयर रखें। भीगने के बाद देर तक गीले कपड़ों में न रहें। इसके अलावा, जब आप घर में शांत बैठे हों, तो अपने सिर और कानों को टोपी या स्कार्फ से ढक कर रखें। सिर ठंडा होने पर सबसे जल्दी नाक बंद होती है और छींकें आना शुरू हो जाती हैं।
2. कच्चा सलाद और पत्तेदार सब्जियां खाना बंद करें
आमतौर पर डॉक्टर हर मौसम में सलाद और हरी सब्जियां खाने की सलाह देते हैं, लेकिन बारिश में बीमारियों से बचने के उपाय का नियम इसके बिल्कुल उलट है:
- कच्चा खाना क्यों है नुकसानदायक? बारिश के मौसम में वातावरण में नमी बहुत ज्यादा होती है, जिससे जमीन पर उगने वाली हरी पत्तेदार सब्जियों (जैसे पालक, पत्तागोभी आदि) में अदृश्य कीटाणु, लार्वा और बैक्टीरिया पनप जाते हैं। जैन साहित्य और आयुर्वेद दोनों में ही मानसून के दौरान हरी पत्तेदार सब्जियां और कच्चा सलाद खाने से सख्त मना किया गया है।
- पकाकर ही खाएं: इस पूरे सीजन में कोई भी सब्जी कच्ची न खाएं। सब्जियों को अच्छी तरह धोकर, पकाकर या भाप में उबालकर (Steamed) ही खाएं।
- पकौड़े खाने का सही नियम: बारिश में गरमा-गरम पकौड़े और भजिया खाने का मन सबका करता है। वैसे तो इस मौसम में तली-भुनी चीजों, नॉनवेज और फर्मेंटेड फूड से बचना चाहिए, लेकिन अगर आप कभी पकौड़े खा भी लें, तो उसके तुरंत बाद एक गिलास गर्म पानी जरूर पिएं। साथ ही नमक के गुनगुने पानी से गरारे (Gargle) करें, ताकि तेल का असर आपके गले और श्वास नली को खराब न करे।
3. दिन में सोना और फ्रिज का बासी खाना छोड़ दें
अगर आप सच में जानना चाहते हैं कि पेट को दुरुस्त रखकर बारिश में बीमारियों से बचने के उपाय क्या हैं, तो अपनी इन दो आदतों को तुरंत बदल डालिए:
- दोपहर की नींद है बीमारी की जड़: सुहाना मौसम देखकर अक्सर लोगों को दोपहर में सोने की आदत लग जाती है। आयुर्वेद में वर्षा ऋतु के दौरान दिन में सोने से सख्त मना किया गया है। दिन में सोने से पाचन शक्ति और मेटाबॉलिज्म बेहद धीमा पड़ जाता है, जिससे शरीर में आलस, सुस्ती और पेट में गैस बनने लगती है। (बहुत थकान होने पर सिर्फ 15-20 मिनट की झपकी ले सकते हैं)।
- फ्रिज का खाना भी बासी है: योग विज्ञान के अनुसार, फ्रिज में रखा हुआ खाना भी 'बासी भोजन' की श्रेणी में आता है। बारिश में हमेशा ताजा बना हुआ गर्म खाना ही खाएं। दही खाना हो तो केवल सुबह या दोपहर में ताजा दही लें; खट्टा दही और रात के समय दही का सेवन पूरी तरह बंद कर दें।
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4. रसोई के इन मसालों से बढ़ाएं शरीर की गर्माहट
चूंकि इस मौसम में पाचन कमजोर रहता है, इसलिए आपको ऐसे भोजन का सेवन करना चाहिए जो शरीर में अंदरूनी गर्माहट पैदा करे और मेटाबॉलिज्म को तेज रखे:
- हल्दी वाला दूध और देसी घी: सुबह नाश्ते में एक गिलास गर्म दूध में एक चुटकी हल्दी, थोड़ी सी काली मिर्च और थोड़ा सा गाय का शुद्ध देसी घी मिलाकर पिएं। गाय का घी पाचन की अग्नि को प्रदीप्त करता है।
- अदरक और लहसुन का प्रयोग: अपने रोज के खाने में अदरक, लहसुन और काली मिर्च की मात्रा थोड़ी बढ़ा दें। ये तीनों चीजें प्राकृतिक एंटीबायोटिक हैं जो वायरल संक्रमण से बचाती हैं।
- उबला हुआ पानी: बारिश में टायफॉइड, पीलिया और डायरिया जैसी बीमारियां दूषित पानी से फैलती हैं। इसलिए पीने का पानी हमेशा उबालकर और फिर उसे सामान्य तापमान पर ठंडा करके ही पिएं। दिन भर हल्का गुनगुना पानी पीना सबसे बेहतरीन बारिश में बीमारियों से बचने के उपाय में से एक है।
5. कफ के समय करें प्राणायाम और पैरों को रखें सूखा
- योग का सही समय: आयुर्वेद के अनुसार, सुबह 6:00 से 10:00 बजे और शाम 6:00 से 10:00 बजे तक का समय 'कफ का समय' होता है। इस समय शरीर में गर्माहट लाने के लिए डायनेमिक योगासन, कपालभाति, कुंभक और अनुलोम-विलोम प्राणायाम जरूर करें। इससे फेफड़ों में कफ जमा नहीं होता।
- फंगल इन्फेक्शन से बचाव: बारिश के गंदे पानी में चलने से पैरों की उंगलियों के बीच की त्वचा गलने लगती है और वहां भयंकर खुजली व फंगल इन्फेक्शन (Fungal Infection) हो जाता है। इससे बचने के लिए रोज सुबह, रात को सोने से पहले और जब भी बाहर से घर आएं, अपने पैरों को धोकर एक सूती (Cotton) कपड़े से उंगलियों के बीच के हिस्से को अच्छी तरह पोंछकर सुखा लें।
- सड़क सुरक्षा: मानसून में सड़कों पर फिसलन और गिरे हुए तेल-पेट्रोल के कारण दुर्घटनाएं बहुत होती हैं। इसलिए वाहन हमेशा धीमी गति में चलाएं और मोड़ पर विशेष सावधानी बरतें।
मौसम हर कुछ महीनों में बदलता है, लेकिन स्वस्थ वही रहता है जो प्रकृति के नियमों के अनुसार अपनी दिनचर्या को ढाल लेता है। आज से ही इन आसान लेकिन बेहद प्रभावशाली बारिश में बीमारियों से बचने के उपाय को अपने जीवन में उतारें और पूरे परिवार के साथ इस खूबसूरत मानसून का खुलकर आनंद लें!










