क्या आप जानते हैं कि माइग्रेन (Migraine) का असली दर्द शुरू होने से पूरे तीन दिन पहले ही आपका शरीर इसके संकेत देने लगता है? दुनिया भर में लगभग हर दूसरा इंसान किसी ना किसी तरह के सिरदर्द से जूझ रहा है। अकेले अमेरिका में 4 करोड़ से ज्यादा लोग माइग्रेन के शिकार हैं।
ज्यादातर लोग इसे सिर्फ आधे सिर का दर्द मानकर इग्नोर कर देते हैं। लेकिन मेडिकल साइंस के अनुसार, माइग्रेन सिर्फ एक सिरदर्द नहीं है, बल्कि यह दिमाग के अंदर चार अलग-अलग हिस्सों में लड़ी जाने वाली एक पूरी जंग है। आइए समझते हैं कि माइग्रेन के लक्षण (Migraine symptoms in Hindi) क्या हैं और दर्द से 72 घंटे पहले शरीर में क्या बदलाव होते हैं।
दर्द से 3 दिन पहले शुरू होता है पहला स्टेज
माइग्रेन नसों और दिमाग के नेटवर्क की एक उलझी हुई गड़बड़ी है। डॉक्टर इसे 4 हिस्सों में बांटते हैं। इसका पहला हिस्सा तब शुरू होता है, जब असली दर्द शुरू भी नहीं हुआ होता। दर्द से 72 घंटे पहले शरीर थकान, तेज रोशनी से दिक्कत, चिड़चिड़ापन, बार-बार जम्हाई आना, खाने की क्रेविंग और गर्दन में अकड़न जैसे इशारे देने लगता है।
इसके पीछे दिमाग का एक छोटा सा हिस्सा हाइपोथैलेमस (Hypothalamus) जिम्मेदार होता है। यह शरीर का 'कंट्रोल रूम' है। जब यह कंट्रोल रूम गड़बड़ाता है, तो शरीर में थकान, मूड और भूख एक साथ बिगड़ जाते हैं। क्योंकि यह कंट्रोल रूम हॉर्मोन्स से जुड़ा है, इसलिए महिलाओं में पीरियड्स के दौरान यह गड़बड़ी सबसे ज्यादा होती है। यही वजह है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में माइग्रेन 3 गुना ज्यादा पाया जाता है।
माइग्रेन ऑरा: जब आंखों के सामने दिखती हैं टेढ़ी-मेढ़ी लाइनें
हर 3 में से 1 मरीज को माइग्रेन के दूसरे हिस्से का अनुभव होता है, जिसे 'आभा' या Migraine Aura कहते हैं। यह दर्द से ठीक पहले दिखता है। इसमें आंखों के सामने धुंधलापन या टेढ़ी-मेढ़ी चमकती लाइनें नजर आती हैं। कुछ लोगों को शरीर के एक हिस्से में झनझनाहट होती है, बोलने में शब्द अटकते हैं या एक तरफ का हाथ-पैर कमजोर पड़ जाता है।
यह आखिरी लक्षण स्ट्रोक (दिमाग की नस फटने) जैसा लगता है, जो डरावना हो सकता है। लेकिन स्ट्रोक अचानक आता है, जबकि माइग्रेन की आभा 20-30 मिनट में धीरे-धीरे बढ़ती है। इसके पीछे दिमाग की ऊपरी परत में चलने वाली एक धीमी बिजली की लहर होती है।
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सिर के एक हिस्से में ही क्यों होता है दर्द?
यह माइग्रेन का तीसरा हिस्सा है जिसे हम असली दर्द समझते हैं। कुछ लोगों को धक-धक करता एक तरफा दर्द होता है, तो कुछ को पीछे या दोनों तरफ। इसके पीछे चेहरे की ट्राइजेमिनल नर्व (Trigeminal Nerve) जिम्मेदार होती है। दिमाग के ऊपर ड्यूरा मैटर (Dura Mater) नाम की एक झिल्ली होती है जो दर्द महसूस करती है।
माथे से आने वाली नस और झिल्ली में आने वाली नस दिमाग के एक ही स्टेशन पर आकर मिलती हैं। इसलिए दिमाग को धोखा हो जाता है कि दर्द माथे या आंख के पास से आ रहा है, जबकि असली गड़बड़ी अंदर चल रही होती है।
| माइग्रेन के ट्रिगर्स (क्या करें और क्या न करें) | बचाव के तरीके |
| खराब नींद और तनाव | रोजाना 7-8 घंटे की नींद लें और स्ट्रेस मैनेज करें। |
| लंबे समय तक भूखा रहना | समय पर खाना खाएं, फास्टिंग से बचें। |
| तेज रोशनी, धूप और तेज गंध | बाहर जाते समय सनग्लासेस पहनें और परफ्यूम/धुएं से दूर रहें। |
| ज्यादा पेनकिलर का इस्तेमाल | महीने में 10-15 दिन से ज्यादा दर्द की दवा बिल्कुल न लें। |
ज्यादा दवा खाना बन सकता है नई बीमारी
माइग्रेन का दर्द आमतौर पर एक दिन में उतर जाता है, लेकिन इसके बाद भी थकान रहती है। शुरुआती इशारे पकड़कर इलाज जल्दी शुरू करने से दर्द को कंट्रोल किया जा सकता है। आजकल CGRP नाम की नई दवाएं आ गई हैं जो सीधे उस केमिकल को रोकती हैं जो दर्द फैलाता है।
लेकिन एक बड़ी चेतावनी यह है कि दर्द की आम गोली महीने में 15 दिन से ज्यादा और माइग्रेन की खास दवा 10 दिन से ज्यादा नहीं लेनी चाहिए। ज्यादा दवा लेने से दिमाग को इसकी आदत पड़ जाती है, जिसे डॉक्टर Medication Overuse Headache (MOH) कहते हैं। यानी दवा खुद सिरदर्द की वजह बन जाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. क्या माइग्रेन हमेशा के लिए ठीक हो सकता है?
माइग्रेन को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता, लेकिन ट्रिगर्स को पहचानकर और सही लाइफस्टाइल के जरिए इसके अटैक को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।
Q2. नॉर्मल सिरदर्द और माइग्रेन में क्या अंतर है?
नॉर्मल सिरदर्द पूरे सिर में भारीपन जैसा होता है, जबकि माइग्रेन में धड़कने वाला तेज दर्द (अक्सर एक तरफ), रोशनी/आवाज से चिड़चिड़ाहट और उल्टी जैसा महसूस होता है।
Q3. माइग्रेन के दर्द में तुरंत आराम कैसे पाएं?
शांत और अंधेरे कमरे में लेट जाएं। ठंडी सिकाई (Ice pack) का इस्तेमाल करें और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवा तुरंत लें।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। माइग्रेन के गंभीर लक्षणों या आभा (Aura) महसूस होने पर तुरंत अपने डॉक्टर या न्यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करें।








