किचन में चाय चढ़ी है, दाल पक रही है और अचानक एक तेज आवाज के साथ गैस पाइप के कोने से आग की लपटें उठने लगें। ऐसी स्थिति में आपका पहला रिएक्शन क्या होगा? क्या आप बाल्टी भरकर पानी डालेंगे, या सिलेंडर को खींचकर बाहर फेंकने दौड़ेंगे? अगर आप बिना सोचे-समझे आग पर पानी फेंकने जा रहे हैं, तो आप आग बुझाने नहीं बल्कि अपने ही हाथों से पूरे घर में आग फैलाने जा रहे हैं।
5 मुख्य बातें
- गैस सिलेंडर की आग पर पानी डालने से गैस का फ्लो नहीं रुकता, बल्कि फर्श फिसलने वाला हो जाता है।
- जब तक सिलेंडर का लोहा भीषण आंच से पूरी तरह न तप जाए, तब तक वह फटता नहीं है।
- आग शुरुआती हो तो तुरंत रेगुलेटर बंद करें या गीला मोटा सूती कपड़ा/जूट की बोरी लपेटें।
- जहरीला धुआं ऊपर उठता है, इसलिए कमरे में धुआं भर जाने पर हमेशा नीचे झुक कर बाहर निकलें।
- बेकाबू आग होने पर तुरंत बाहर निकलें और फायर ब्रिगेड 101 या गैस हेल्पलाइन 1906 पर कॉल करें।
आग पर पानी फेंकना क्यों है खतरनाक?
ज्यादातर लोग आग देखते ही सीधे पानी उड़ेल देते हैं। लेकिन एलपीजी (LPG) की आग में पानी रत्ती भर भी काम नहीं करता। सिलेंडर के अंदर गैस भारी दबाव में लिक्विड बनकर भरी होती है, जो बाहर आते ही गैस बनकर हवा में फैलती है।
जलती हुई गैस पर पानी मारने से गैस बंद नहीं होती; वह हवा से ऑक्सीजन खींचकर वैसे ही जलती रहती है। उल्टा पानी के कारण फर्श फिसलने वाला हो जाएगा, जिससे भागने का रास्ता रुक सकता है और आग अपनी जगह जलती रहेगी।
सिलेंडर तुरंत बम की तरह नहीं फटता
कई लोगों को लगता है कि आग लगते ही सिलेंडर 2 सेकंड में बम की तरह फट जाएगा। लेकिन सच यह है कि सिर्फ लपटें दिखने का मतलब यह नहीं है कि सिलेंडर उसी वक्त फट जाएगा।
जब तक पूरा सिलेंडर बाहर की भीषण लपटों में न घिर जाए और लोहा हद से ज्यादा न तप जाए, तब तक अंदर का प्रेशर ब्लास्ट नहीं कर सकता। लेकिन अगर सिलेंडर खुद आंच खाकर तपने लगे तो वह बड़ा खतरा बन सकता है। सिलेंडर को खींचने की कोशिश करेंगे तो पाइप टूट सकता है या रेगुलेटर उखड़ सकता है, जिससे आग एक सेकंड में पूरे घर में फैल सकती है।
शुरुआती आग को बुझाने का सही तरीका
आग बुझाने का एक ही सीधा रास्ता है—या तो हवा का संपर्क काटें या गैस की सप्लाई बंद करें।
अगर आग बिल्कुल शुरुआती है, चूल्हे के पास या पाइप के किसी कट पर है, और रेगुलेटर तक आंच बिल्कुल नहीं पहुंची है, तो सबसे पहले रेगुलेटर का नॉब बंद कर दें। गैस की सप्लाई रुकते ही आग अपने आप खत्म हो जाएगी। अगर चूल्हे या सिरे पर हल्की आग है, तो एक मोटा सूती कपड़ा या जूट की बोरी लें, उसे पानी में पूरी तरह भिगोकर तर-बतर कर लें। सुरक्षित दूरी से इसे लपटों के मुहाने पर तेजी से लपेट दें ताकि हवा कट जाए।
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भूलकर भी ना करें ये 5 बड़ी गलतियां
| क्या करें | क्या न करें |
| शुरुआती आग होने पर गैस रेगुलेटर तुरंत बंद करें। | जलती हुई गैस पर कभी भी पानी न फेंकें। |
| आग बुझाने के लिए मोटे सूती कपड़े या जूट की बोरी का इस्तेमाल करें। | सिलेंडर को लात मारने, हिलाने या घसीटने की कोशिश न करें। |
| अगर मेन स्विच घर के बाहर सुरक्षित जगह पर है, तो बिजली काट दें। | कमरे का कोई भी बिजली का बटन (स्विच) न दबाएं, चिंगारी भड़क सकती है। |
| आग लगने पर घर के लोगों को बाहर निकालें और दरवाजे-खिड़कियां खोल दें। | आग बुझाने के लिए सिंथेटिक या नायलॉन के कपड़े का इस्तेमाल न करें। |
| धुएं से भरे कमरे से हमेशा नीचे झुक कर बाहर निकलें। | धुएं से भरे कमरे में सीधे तन कर खड़े न रहें। |
बेकाबू आग और फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल
अगर आग सीधे रेगुलेटर के पास भक रही है, लपटें सिलेंडर को छू रही हैं और वहां जाना मुमकिन नहीं है, तो वहां कपड़ा लेकर घुसने की या सलमान खान (हीरो) बनने की कोशिश न करें।
ऐसी स्थिति में अपनी और परिवार की जान बचाते हुए बाहर निकलें। बाहर निकलते वक्त दरवाजे-खिड़कियां खोलते हुए निकलें ताकि गैस अंदर जमा न हो। अगर आपके घर में ड्राई केमिकल पाउडर वाला ABC फायर एक्सटिंग्विशर है, तो पिन खींचें और नोजल से लपटों के ऊपर नहीं, बल्कि जहां से गैस निकल रही है (जड़ पर) निशाना बनाकर लीवर दबाएं।
तुरंत सुरक्षित जगह पर पहुंचकर 101 या 112 (फायर ब्रिगेड) और गैस कंपनी की 24 घंटे खुली रहने वाली इमरजेंसी हेल्पलाइन 1906 पर कॉल करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
गैस सिलेंडर में आग लगने पर सबसे पहले क्या करना चाहिए?
अगर आग शुरुआती है और रेगुलेटर सुरक्षित है, तो सबसे पहले रेगुलेटर का नॉब बंद कर गैस की सप्लाई रोक देनी चाहिए।
क्या एलपीजी की आग को पानी से बुझाया जा सकता है?
नहीं, एलपीजी गैस की आग पर पानी रत्ती भर भी काम नहीं करता। पानी डालने से आग नहीं बुझती, बल्कि फर्श फिसलने वाला हो जाता है।
आग लगने पर कमरे का स्विच (बटन) क्यों नहीं दबाना चाहिए?
स्विच ऑन या ऑफ करते ही जो हल्की सी चिंगारी निकलती है, वह हवा में फैली गैस को एक झटके में भड़का सकती है।
गैस कंपनी का इमरजेंसी कंप्लेंट नंबर क्या है?
गैस कंपनी की इमरजेंसी हेल्पलाइन 24 घंटे खुली रहती है, जिसका नंबर 1906 है। आप 101 या 112 पर फायर ब्रिगेड को भी बुला सकते हैं।
धुएं से भरे कमरे से बाहर कैसे निकलना चाहिए?
आग का जहरीला और गर्म धुआं तेजी से छत की ओर (ऊपर) उठता है, इसलिए हमेशा नीचे झुक कर बाहर निकलना चाहिए।
सुरक्षा अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख फायर सेफ्टी से जुड़ी सामान्य जानकारी और ट्रांसक्रिप्ट के आधार पर लिखा गया है। आग लगने की स्थिति में बहादुरी दिखाने के बजाय तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचें और फायर ब्रिगेड (101) या इमरजेंसी गैस हेल्पलाइन (1906) से पेशेवर मदद लें। सुरक्षा उपकरण और दिशा-निर्देशों के लिए हमेशा विशेषज्ञों की सलाह मानें।










