क्या जो दवा आप या आपके परिवार के सदस्य खा रहे हैं, वह असली है? क्या आपके पिता के दिल की बीमारी की गोली में सच में पूरी दवा मौजूद है? यह सवाल आज हर घर के लिए बेहद जरूरी हो गया है।
हाल ही में सरकार की सर्वोच्च दवा जांच एजेंसी सीडीएससीओ (CDSCO - Central Drugs Standard Control Organisation) ने जुलाई 2026 की एक चौंकाने वाली लिस्ट जारी की है। इस लिस्ट के अनुसार, देश के विभिन्न राज्यों से उठाए गए 199 दवाओं के सैंपल क्वालिटी टेस्ट में फेल (NSQ - Not of Standard Quality) हो गए हैं। इस सीडीएससीओ फेल दवाइयां लिस्ट ने पूरे मेडिकल जगत में हड़कंप मचा दिया है।
बड़ी कंपनियों पर भी उठा भरोसा
जब हम किसी गली-मोहल्ले की अनजान कंपनी की दवा लेते हैं, तो मन में शक होता है। लेकिन इस फेल लिस्ट में ल्यूपिन (Lupin), जीएसके (GSK), जाइडस (Zydus), और सेनोफी (Sanofi) जैसी दिग्गज कंपनियों के नाम भी शामिल हैं।
सरकारी लैब की जांच में सामने आया कि कुछ गोलियां पेट में जाकर घुल ही नहीं रहीं, तो कुछ में मुख्य दवा का नामोनिशान तक नहीं है। सबसे डरावनी बात यह है कि डिलीवरी के समय मां की जान बचाने वाले ऑक्सीटोसिन (Oxytocin) इंजेक्शन का सैंपल भी इस टेस्ट में फेल हो गया है।
यह भी पढ़ें (Also Read):रात में बार-बार पेशाब आना हो सकता है किडनी फेलियर का इशारा, जानिए असली वजह
दिल की गोली में 38% दवा और बच्चों के सिरप में फंगस
हिमाचल की फार्मा रूट्स हेल्थ केयर द्वारा बनाई जाने वाली दिल की गोली, जिसे मरीज खून पतला करने के लिए खाते हैं, चेन्नई की सरकारी लैब में फेल हो गई। इस गोली में मुख्य दवा केवल 38% और एस्पिरिन (Aspirin) मात्र 22% पाई गई।
- एस्पिरिन का भयानक सच: अहमदाबाद की मोदी एंटीबायोटिक्स की एस्पिरिन 75mg की गोली में एस्पिरिन केवल 0.32% मिली।
- बच्चों की जान से खिलवाड़: इंदौर के ज़नी ड्रग्स (Zeni Drugs) के बच्चों वाले इन्फेक्शन सिरप में दवा केवल 66% थी और बोतल के अंदर फंगस तैरती हुई पाई गई।
- नकली देसी दवा: नासिक का 'डायबिटीज ऑल पाउडर' जिसे लोग सुरक्षित आयुर्वेदिक समझकर खाते हैं, उसमें शुगर की वह हैवी एलोपैथिक दवा मिली, जो बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलती।
ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन फेल: मांओं की जान पर खतरा
भारत में डिलीवरी के बाद अत्यधिक खून बहना महिलाओं की मौत की एक बड़ी वजह है। इसे रोकने के लिए नर्सें तुरंत ऑक्सीटोसिन (Oxytocin) इंजेक्शन लगाती हैं।
अमृतसर की जैक्सन लैबोरेटरीज (Jackson Laboratories) का ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन कर्नाटक की लैब में फेल हो गया। लैब रिपोर्ट में ऑक्सीटोसिन पकड़ में ही नहीं आया। कल्पना कीजिए, रात के 2 बजे जिस नर्स ने भरोसा करके वह इंजेक्शन लगाया, अगर उसमें दवा थी ही नहीं, तो उस मां का खून कैसे रुका होगा? यह मेडिकल साइंस (Medical Science) और इंसानियत के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ है।
| दवा का प्रकार / कंपनी | लैब टेस्ट में क्या कमी पाई गई? |
| दिल की गोली (Pharma Roots) | मुख्य दवा सिर्फ 38%, एस्पिरिन 22% मिली। |
| एस्पिरिन 75 (Modi Antibiotics) | दवा का अंश 1% से भी कम (0.32%) मिला। |
| बच्चों का सिरप (Zeni Drugs) | दवा 66% पाई गई और बोतल में फंगस मिली। |
| ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन | जीवन रक्षक ऑक्सीटोसिन दवा नदारद मिली। |
| देसी शुगर पाउडर (Nashik) | अंदर खतरनाक एलोपैथिक शुगर की दवा मिली। |
दवाइयां फेल, लेकिन जनता अनजान क्यों?
हर महीने 150 से 250 सैंपल फेल होते हैं और CDSCO अपनी वेबसाइट के एक कोने में लिस्ट डाल देता है। लेकिन यह खबर न अखबार के पहले पन्ने पर छपती है, न मेडिकल स्टोर के बाहर इसका कोई नोटिस लगता है और न ही मरीज के फोन पर कोई SMS आता है।
दवा कंपनियां अक्सर यह कहकर पल्ला झाड़ लेती हैं कि "यह बैच हमारा नहीं है, किसी ने नकली बनाया है" या "सैंपल को गर्मी में गलत तरीके से रखा गया होगा।"
खुद कैसे चेक करें अपनी दवा?
सरकार ने जानकारी वेबसाइट पर डाल दी है, अब आपको खुद जागरूक होना होगा:
- भारत सरकार की वेबसाइट cdsco.gov.in पर जाएं।
- वहां Alerts सेक्शन में जाकर महीने की फेल दवाओं की लिस्ट खोलें।
- अपनी रोज खाने वाली दवा का पत्ता उठाएं, उसका Batch Number चेक करें।
- अगर आपकी दवा का बैच नंबर लिस्ट से मैच करता है, तो उसे तुरंत खाना बंद करें और केमिस्ट को वापस करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. NSQ (Not of Standard Quality) दवा का क्या मतलब होता है?
NSQ का मतलब है कि दवा सरकारी लैब के तय मानकों पर खरी नहीं उतरी है। इसमें दवा की मात्रा कम हो सकती है, या वह पेट में घुलने में असमर्थ हो सकती है।
Q2. सीडीएससीओ फेल दवाइयां लिस्ट कहां देख सकते हैं?
आप भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट cdsco.gov.in पर जाकर 'Alerts' सेक्शन में हर महीने की फेल दवाओं की सूची (NSQ List) डाउनलोड कर सकते हैं।
Q3. अगर मेरी दवा का नाम लिस्ट में है तो क्या करूं?
अगर आपकी दवा का नाम लिस्ट में है, तो अपने पत्ते पर छपा बैच नंबर (Batch Number) मिलाएं। अगर बैच नंबर मैच करता है, तो दवा खाना बंद करें और अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट से संपर्क करें।
मेडिकल/एक्सपर्ट डिस्क्लेमर:
यह लेख सरकारी जांच एजेंसी CDSCO की आधिकारिक रिपोर्ट पर आधारित है। किसी भी दवा को बंद करने या बदलने से पहले हमेशा अपने विशेषज्ञ चिकित्सक (Doctor) से परामर्श अवश्य लें। हमारा उद्देश्य केवल आपको जागरूक करना है।






