रात में बार-बार पेशाब आना हो सकता है किडनी फेलियर का इशारा, जानिए असली वजह

क्या आपको भी रात में बार-बार पेशाब आता है या पैरों में सूजन रहती है? जानिए किडनी खराब होने के लक्षण और मेडिकल साइंस द्वारा सुझाए गए वो 2 जरूरी टेस्ट, जो आपकी जान बचा सकते हैं।

Kamlesh Kumar Singh
11 अक्टूबर 2026, (अपडेटेड 11 अक्टूबर 2026, 8:47 AM IST) • 6 मिनट पढ़े

रात में दो या तीन बार पेशाब करने के लिए उठना—अक्सर लोग इसे बढ़ती उम्र का असर मान लेते हैं। सुबह उठते ही आंखों के नीचे हल्की सूजन दिखना, इसे नींद की कमी समझकर टाल दिया जाता है। और दिन भर रहने वाली थकान को हम काम का प्रेशर या कमजोरी मान लेते हैं।

लेकिन मेडिकल साइंस Medical Science के अनुसार, ये तीनों ही चीजें एक बड़े खतरे की तरफ इशारा करती हैं—आपकी किडनी की गड़बड़ी। भारत में 52,000 से ज्यादा किडनी मरीजों के डेटा पर हुई एक स्टडी में चौंकाने वाली बात सामने आई। लगभग आधे मरीज डॉक्टर के पास तब पहुंचे, जब उनकी किडनी आखिरी स्टेज (End Stage) में जा चुकी थी। लोगों ने किडनी खराब होने के लक्षण (Kidney kharab hone ke lakshan) देखे तो थे, लेकिन उन्हें कुछ और समझकर इग्नोर कर दिया।

किडनी एक 'साइलेंट किलर' क्यों है?

पेट या घुटने में कोई दिक्कत हो तो तुरंत दर्द होता है, लेकिन किडनी एक ऐसा अंग (Organ) है जो खामोश रहकर सब कुछ सहता है। इसके पीछे की असली वजह है किडनी की 'रिजर्व कैपेसिटी' (Reserve Capacity)।

इंसान सिर्फ एक किडनी के सहारे भी पूरी जिंदगी नॉर्मल जी सकता है। जब आपकी किडनी की फिल्टरिंग पावर (Filtering Power) 60 से 70% तक खत्म हो चुकी होती है, तब जाकर शरीर में इसके स्पष्ट लक्षण दिखाई देते हैं। इसलिए, जब भी आपको ये लक्षण दिखें, तो समझ जाइए कि अंदर डैमेज शुरू हो चुका है और अब सतर्क होने का समय आ गया है।

किडनी खराब होने के 6 सबसे बड़े वार्निंग सिग्नल (Warning Signs)

1. रात में बार-बार पेशाब आना (Nocturia)

दिन में सब नॉर्मल रहे, लेकिन रात में अगर आपको 2-3 बार पेशाब के लिए उठना पड़ रहा है, तो यह नॉर्मल नहीं है। लोग इसे ज्यादा पानी पीने या प्रोस्टेट की दिक्कत मान लेते हैं। लेकिन असली वजह यह है कि जब किडनी कमजोर होती है, तो वह यूरिन को सही से कंसंट्रेट (Concentrate) नहीं कर पाती और रात में ज्यादा पेशाब बनने लगता है।

2. आंखों और पैरों में एक खास तरह की सूजन

सुबह उठने पर आंखों (Eyelids) के नीचे सूजन और शाम होते-होते पैरों और टखनों के ऊपर सूजन आना किडनी डैमेज का बड़ा संकेत है। जब किडनी के फिल्टर (Glomerulus) कमजोर होते हैं, तो पेशाब के रास्ते 'प्रोटीन' लीक होने लगता है। शरीर से प्रोटीन कम होने पर पानी नसों से रिसकर टिश्यूज में जमा होने लगता है, जिससे पिटिंग एडिमा (Pitting Edema) यानी सूजन आ जाती है।

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3. पेशाब में झाग आना (Foamy Urine)

अगर यूरिन पास करने के बाद फ्लश करने पर भी झाग (Foam) कुछ देर तक पानी पर तैरता रहे और ऐसा रोज हो रहा हो, तो यह खतरे की घंटी है। यह इस बात का स्पष्ट संकेत (Strong Predictor) है कि आपके पेशाब में बहुत ज्यादा मात्रा में प्रोटीन लीक हो रहा है।

4. भयंकर थकान और खून की कमी (Anemia)

ऐसी थकान जो रात भर सोने के बाद भी न जाए और सीढ़ियां चढ़ने पर सांस फूलने लगे। आपकी किडनी सिर्फ खून साफ नहीं करती, बल्कि एरिथ्रोपोइटिन (Erythropoietin) नाम का एक हॉर्मोन भी बनाती है। यह हॉर्मोन बोन मैरो को नया खून (RBC) बनाने का सिग्नल देता है। किडनी खराब होने पर यह हॉर्मोन कम बनता है, जिससे शरीर में भयंकर खून की कमी (एनीमिया) हो जाती है।

5. पूरे शरीर में भयानक खुजली होना

बिना किसी दाने या रैश के पीठ और पिंडलियों में खुजली होना, जो रात में और बढ़ जाए। जब किडनी खून से वेस्ट प्रोडक्ट और एक्स्ट्रा फास्फोरस (Phosphorus) को बाहर नहीं निकाल पाती, तो वह त्वचा के अंदर जमा होने लगता है। आप कितना भी खुजा लें या क्रीम लगा लें, आराम नहीं मिलता।

6. भूख न लगना और मुंह में मैटेलिक स्वाद

पसंदीदा खाना देखकर भी खाने का मन न करना, मुंह का स्वाद अजीब (Metallic) हो जाना और सुबह उठते ही मतली या उल्टी जैसा महसूस होना। अक्सर लोग इसे गैस, एसिडिटी या लिवर की गर्मी समझ लेते हैं, लेकिन एंटासिड सीरप पीने के बाद भी आराम न मिले, तो यह किडनी में जमे वेस्ट का असर हो सकता है।

सामान्य परेशानी (Normal)किडनी फेलियर के संकेत (Kidney Warning Signs)
थकानथोड़ा आराम करने पर ठीक हो जाती है।
सूजनचोट या मोच के कारण एक जगह सूजन।
खुजलीस्किन में रैश या दाने होने पर खुजली।

किडनी की जांच के लिए सबसे जरूरी 2 टेस्ट

अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिख रहा है या आपको डायबिटीज (Diabetes) और हाई ब्लड प्रेशर (High BP) है, तो साल में कम से कम एक बार ये 2 टेस्ट जरूर कराएं:

  1. यूरिन एसीआर (Urine ACR): एल्बुमिन टू क्रिएटिनिन रेशियो (Albumin to Creatinine Ratio) टेस्ट से पता चलता है कि यूरिन में प्रोटीन लीक हो रहा है या नहीं। यह बहुत शुरुआती डैमेज को भी पकड़ लेता है।
  2. सीरम क्रिएटिनिन विद ईजीएफआर (Serum Creatinine with eGFR): यह टेस्ट खून में जमा वेस्ट (क्रिएटिनिन) को नापता है और eGFR यह बताता है कि आपकी किडनी वर्तमान में कितने प्रतिशत काम कर रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. यूरिन में झाग (Foamy Urine) आने का क्या मतलब है?

यूरिन में झाग आने का मुख्य कारण पेशाब के रास्ते 'प्रोटीन' (Proteinuria) का लीक होना है। यह संकेत देता है कि किडनी के फिल्टर डैमेज हो रहे हैं और सही से काम नहीं कर रहे हैं।

Q2. किडनी खराब होने पर शरीर में खुजली क्यों होती है?

जब किडनी शरीर के अपशिष्ट पदार्थों (Waste) और अतिरिक्त फास्फोरस को खून से बाहर नहीं निकाल पाती, तो ये तत्व त्वचा के नीचे जमा होने लगते हैं, जिससे भयंकर खुजली महसूस होती है।

Q3. किडनी की बीमारी का सबसे बड़ा कारण क्या है?

भारत में किडनी फेल होने का सबसे बड़ा कारण डायबिटीज (Diabetes) है, जो लगभग 31% मामलों के लिए जिम्मेदार है। इसके बाद हाई ब्लड प्रेशर (High BP) किडनी को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है।

विशेषज्ञ/मेडिकल डिस्क्लेमर:

यह लेख सामान्य चिकित्सकीय जानकारियों और किडनी रोग विशेषज्ञों के डेटा पर आधारित है। थकान, पेशाब में बदलाव या सूजन अन्य बीमारियों के कारण भी हो सकते हैं। किसी भी लक्षण के दिखने पर खुद दवा लेने के बजाय तुरंत किसी नेफ्रोलॉजिस्ट (Nephrologist) या योग्य डॉक्टर से संपर्क करें।

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