बिहार फसल सहायता योजना शुरू किसानों को मिलेंगे ₹20000

बिहार फसल सहायता योजना (खरीफ 2026) के लिए आवेदन शुरू हो गए हैं। जानिए कैसे रैयत और गैर-रैयत किसान अपनी बर्बाद फसल के लिए 20,000 रुपये का अनुदान पाने के लिए ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं।

बारिश, बाढ़ या सूखे के कारण फसल बर्बाद होने का सबसे बड़ा नुकसान हमारे किसान भाइयों को उठाना पड़ता है। इसी परेशानी को कम करने के लिए बिहार सरकार सहकारिता विभाग के माध्यम से एक शानदार योजना चलाती है। इस योजना का नाम है बिहार फसल सहायता योजना (Bihar Fasal Sahayata Yojana), जिसके तहत अगर आपकी फसल का नुकसान हुआ है, तो आपको 20,000 रुपये तक का अधिकतम अनुदान (मुआवजा) मिल सकता है। अब खरीफ 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो चुके हैं।

आवेदन से पहले किसान रजिस्ट्रेशन है जरूरी

फसल बीमा के लिए आवेदन करने से पहले आपका 'किसान रजिस्ट्रेशन' होना बहुत जरूरी है। यदि आपने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है, तो पहले बिहार के डीबीटी (DBT) पोर्टल पर जाकर किसान पंजीकरण (Kisan Panjikaran) कर लें।

ध्यान रखें कि नया पंजीकरण कराने के 8 से 10 दिन बाद ही आपका डाटा सहकारिता विभाग के पोर्टल पर फेच (Fetch) होता है। जिनके पास पहले से रजिस्ट्रेशन नंबर है, वे सीधे सहकारिता विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट पर 'बिहार राज्य फसल सहायता खरीफ 2026' सेक्शन में जाकर अपना नंबर डालकर सर्च कर सकते हैं।

रैयत और गैर-रैयत (बटाईदार) किसानों के लिए नियम

आवेदन करते समय आपको चुनना होगा कि आप रैयत किसान हैं या गैर-रैयत (बटाईदार)।

रैयत किसानों के लिए: अगर आपके नाम से खुद की जमीन है, तो आपको करंट एलपीसी (LPC) या मालगुजारी रसीद लगानी होगी। आपको अपनी 'कंप्यूटरकृत जमाबंदी संख्या' (Computerized Jamabandi Number) पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। यह संख्या आप 'बिहार भूमि' की ऑफिशियल साइट पर जाकर जमाबंदी पंजी सेक्शन से निकाल सकते हैं। एक बात का खास ध्यान रखें—जितने डेसिमल (Decimal) जमीन का आपके पास करंट रसीद है, पोर्टल पर उतना ही डेसिमल भरें, वरना फॉर्म रिजेक्ट हो जाएगा।

गैर-रैयत (बटाईदार) किसानों के लिए: अगर आप बटाई पर खेती करते हैं, तो आपको भी जमीन का जिला, अंचल, हल्का, मौजा, खाता और खसरा संख्या भरना होगा। कई बार बटाईदारों को खाता-खसरा नहीं पता होता, ऐसे में वे अनुमानित तौर पर आस-पास के लोगों से पूछकर इसे दर्ज कर सकते हैं।

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20,000 रुपये पाने के लिए रकबा (Area) कैसे भरें?

योजना के तहत अधिकतम 2 हेक्टेयर (लगभग 495 डेसिमल) तक की जमीन के लिए ही अनुदान दिया जाता है। अगर आपको पूरे 20,000 रुपये का अनुदान चाहिए, तो आपको बुवाई और नुकसान वाले कॉलम में कुल 495 डेसिमल तक का रकबा जोड़ना होगा। आप एक से अधिक खाता और खसरा संख्या जोड़कर अपना रकबा पूरा कर सकते हैं।

रकबा (डेसिमल) निकालने के लिए आप बिहार भूमि की साइट पर अपनी जमाबंदी देख सकते हैं। (उदाहरण के तौर पर: 1 कट्ठा में 3.719 डेसिमल होते हैं)। सारा डाटा भरने के बाद कैप्चा डालें और मोबाइल पर आए ओटीपी (OTP) को दर्ज करके फाइनल सबमिट कर दें।

आवेदन के जरूरी स्टेप्सध्यान रखने योग्य बातें
डीबीटी पोर्टल पर किसान रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है।नया रजिस्ट्रेशन 8-10 दिन बाद पोर्टल पर अपडेट होता है।
रैयत किसान करंट एलपीसी या मालगुजारी रसीद ही लगाएं।एक कट्ठा की रसीद पर 4 बीघा का आवेदन न करें, रिजेक्ट हो जाएगा।
अधिकतम 495 डेसिमल (2 हेक्टेयर) तक का लाभ मिलता है।रसीद पर जितना रकबा है, फॉर्म में उतना ही डेसिमल दर्ज करें।

वेरिफिकेशन के बाद कैसे मिलेगा पैसा?

आवेदन फाइनल सबमिट करने के बाद जो रिसिप्ट (Receipt) निकलेगी, उसे सुरक्षित रख लें। लगभग 10 से 12 महीने बाद आपके आवेदन का वेरिफिकेशन (Verification) होता है।

इस दौरान सहकारिता विभाग के पोर्टल पर एक 'घोषणा प्रमाण पत्र' (Declaration Form) डाउनलोड करने का विकल्प आता है। इस फॉर्म को प्रिंट करके उस पर आस-पास के किसानों, किसान सलाहकार और वार्ड सदस्य के हस्ताक्षर (Sign) व मुहर करवानी होती है। गैर-रैयत (बटाईदार) और रैयत दोनों के लिए यह प्रक्रिया लगभग समान है, बस रैयत को करंट एलपीसी की फोटो भी देनी होती है। अगर जांच में आपका दावा सही पाया जाता है, तो इसके 2 से 4 महीने बाद अनुदान की राशि सीधे आपके बैंक खाते में आ जाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

बिहार फसल सहायता योजना के तहत कितना पैसा मिलता है? फसल बर्बाद होने की स्थिति में इस योजना के तहत किसानों को अधिकतम ₹20,000 (2 हेक्टेयर तक) का अनुदान दिया जाता है।

क्या बटाईदार (गैर-रैयत) किसान भी आवेदन कर सकते हैं? हां, जिनकी अपनी जमीन नहीं है और वे बटाई पर खेती करते हैं (गैर-रैयत), वे भी इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।

कंप्यूटरकृत जमाबंदी संख्या कहां से प्राप्त करें? आप 'बिहार भूमि' (Bihar Bhumi) की ऑफिशियल वेबसाइट पर 'जमाबंदी पंजी' सेक्शन में अपना जिला, अंचल और खाता संख्या डालकर यह नंबर निकाल सकते हैं।

पैसा खाते में आने में कितना समय लगता है? आवेदन करने के लगभग 10 से 12 महीने बाद फील्ड वेरिफिकेशन होता है और सही पाए जाने पर 2-4 महीने के अंदर पैसा खाते में आ जाता है।

घोषणा प्रमाण पत्र पर किसके हस्ताक्षर करवाने होते हैं? घोषणा प्रमाण पत्र पर आस-पास के किसानों, किसान सलाहकार और वार्ड सदस्य के हस्ताक्षर और मुहर करवानी अनिवार्य है।

वित्तीय एवं सरकारी योजना अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख बिहार सहकारिता विभाग की फसल सहायता योजना के ऑनलाइन प्रक्रिया और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। आवेदन की स्वीकृति, वेरिफिकेशन और मुआवजे की राशि पूरी तरह से राज्य सरकार और संबंधित विभागीय अधिकारियों की जांच रिपोर्ट पर निर्भर करती है। नवीनतम जानकारी के लिए सहकारिता विभाग के आधिकारिक पोर्टल को चेक करते रहें।

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