क्या आप भी बस या ट्रेन में सफर करते समय मोबाइल पर गेम खेलना पसंद करते हैं? अगर हां, तो आपने 'कैंडी क्रश' (Candy Crush) का नाम तो जरूर सुना होगा। यह एक ऐसा गेम है जिसने दुनिया भर के करोड़ों लोगों को अपना दीवाना बनाया है। लेकिन क्या आप सोच सकते हैं कि टाइमपास के लिए खेला जाने वाला यह गेम किसी को पूरी दुनिया में मशहूर कर सकता है?
जी हां, ऐसा ही एक कमाल कर दिखाया है बिहार के एक 19 साल के लड़के ने। बिहार के लड़के का वर्ल्ड रिकॉर्ड (Bihar ke ladke ka world record) इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर न्यूज़ चैनल्स तक चर्चा का विषय बना हुआ है। शुभम कुमार नाम के इस लड़के ने कैंडी क्रश सागा गेम में एक ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिसे पार करना अच्छे-अच्छे गेमर्स के बस की बात नहीं है।
22,222 लेवल पार कर रचा इतिहास
बिहार के दिघवारा (Dighwara) के रहने वाले 19 वर्षीय शुभम कुमार ने इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (International Book of Records) में अपना नाम दर्ज करा लिया है। शुभम ने लोकप्रिय मोबाइल गेम 'कैंडी क्रश सागा' में लेवल 22,222 (Level 22,222) को पार कर यह अनोखा वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है।
संस्था की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, शुभम ने 5 जुलाई 2026 को यह शानदार उपलब्धि हासिल की थी। जिस समय शुभम ने इस रिकॉर्ड को अपने नाम किया, उस समय उनकी उम्र ठीक 19 साल, 8 महीने और 25 दिन थी। उन्हें यह रिकॉर्ड "Highest Level Achieved in Candy Crush Saga (Teenager)" यानी किशोर वर्ग में सबसे ज्यादा लेवल पार करने के लिए दिया गया है।
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कौन हैं शुभम कुमार और क्या है 'कैंडी क्रश सागा'?
शुभम कुमार बिहार (Bihar) के दिघवारा के रहने वाले हैं। हालांकि, इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की लिस्टिंग में उनकी स्कूली शिक्षा, कॉलेज या किसी अन्य एकेडमिक अचीवमेंट के बारे में कोई खास जानकारी नहीं दी गई है।
वहीं अगर 'कैंडी क्रश सागा' (Candy Crush Saga) की बात करें, तो यह दुनिया के सबसे ज्यादा खेले जाने वाले पजल गेम्स (Puzzle Games) में से एक है। इस गेम में खिलाड़ियों को एक ही रंग की कैंडीज (Candies) को मैच करना होता है।
जैसे-जैसे आप गेम में आगे बढ़ते हैं, इसके लेवल्स और भी ज्यादा कठिन होते जाते हैं। इसमें सही चाल (Moves) चलने के लिए दिमाग और बेहतर प्लानिंग दोनों की जरूरत होती है। लेवल 22,222 तक पहुंचना कोई आम बात नहीं है, इसके लिए गजब के धैर्य और कंसिस्टेंसी की आवश्यकता होती है।
पढ़ाई-लिखाई और गेमिंग के बीच का संतुलन
आमतौर पर हमारे समाज में युवाओं की सफलताओं को सिर्फ उनके एग्जाम रिजल्ट्स (Exam Results), प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर गोल से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन शुभम की यह उपलब्धि बताती है कि सफलता और अचीवमेंट अलग-अलग रूपों में भी मिल सकती है।
हालांकि, इस बात की कोई पुख्ता जानकारी नहीं है कि इतने बड़े लेवल तक पहुंचने के लिए शुभम ने मोबाइल स्क्रीन पर कितने घंटे बिताए या उन्होंने अपनी पढ़ाई और गेमिंग के बीच कैसे बैलेंस बनाया। यह ध्यान रखना भी जरूरी है कि मोबाइल गेम में मिली इस सफलता को एकेडमिक एक्सीलेंस (Academic Excellence) या बेहतर लर्निंग स्किल्स का सीधा पैमाना नहीं माना जा सकता है।
| भ्रांतियां (Myths) | सच्चाई (Facts) |
| गेम खेलने वाले बच्चे पढ़ाई में हमेशा कमजोर होते हैं। | गेमिंग एक पर्सनल इंटरेस्ट है, इसका पढ़ाई में कमजोर होने से सीधा संबंध नहीं है। |
| मोबाइल गेम में रिकॉर्ड बनाना बहुत आसान काम है। | 22,222 लेवल तक पहुंचने के लिए गजब का फोकस, धैर्य और सालों की मेहनत चाहिए। |
| गेम खेलना पूरी तरह से समय की बर्बादी है। | लिमिट में खेला जाए तो पजल गेम्स दिमाग को एक्टिव रखने और स्ट्रेस कम करने में मदद करते हैं। |
यह रिकॉर्ड उन तमाम युवाओं के लिए एक अलग नजरिया पेश करता है जो पारंपरिक माइलस्टोन्स (Traditional Milestones) से हटकर क्रिएटिव और डिजिटल फील्ड्स में अपनी अलग पहचान बनाना चाहते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. कैंडी क्रश सागा में 22,222 लेवल पार करने वाला लड़का कौन है?
कैंडी क्रश सागा में 22,222 लेवल पार करने वाले लड़के का नाम शुभम कुमार है, जो बिहार के दिघवारा के रहने वाले हैं।
Q2. शुभम कुमार ने किस बुक में अपना रिकॉर्ड दर्ज कराया है?
19 साल के शुभम कुमार ने 'इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' (International Book of Records) के टीनएजर (किशोर) कैटेगरी में यह वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है।
Q3. शुभम ने यह वर्ल्ड रिकॉर्ड कब बनाया था?
इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के मुताबिक, शुभम ने 5 जुलाई 2026 को 19 साल, 8 महीने और 25 दिन की उम्र में यह शानदार मुकाम हासिल किया था।
विशेषज्ञ/हेल्थ डिस्क्लेमर (Expert Disclaimer):
यह लेख एक गेमिंग अचीवमेंट पर आधारित है। वीडियो या मोबाइल गेम खेलना मनोरंजन का बेहतरीन साधन हो सकता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम (Screen Time) बच्चों और युवाओं की आंखों, नींद और मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) पर बुरा असर डाल सकता है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) भी गेमिंग डिसऑर्डर को लेकर चेतावनी जारी कर चुका है। पाठकों और पैरेंट्स को सलाह दी जाती है कि गेमिंग और पढ़ाई या फिजिकल एक्टिविटी के बीच एक सही संतुलन बनाए रखें।








