एक कटोरी दाल में 24g नहीं, सिर्फ 8g प्रोटीन होता है! 60 के बाद ऐसे बढ़ाएं अपनी ताकत

क्या आप भी 1 कटोरी पकी हुई दाल खाकर सोचते हैं कि 24 ग्राम प्रोटीन मिल गया? आपकी यही बड़ी भूल 60 की उम्र के बाद मसल्स को अंदर से खोखला कर रही है! डॉक्टर से जानिए 'सार्कोपनिया' से बचने का असली हाई-प्रोटीन फॉर्मूला...

अगर आपको लगता है कि रोजाना एक कटोरी दाल खाने से आपके शरीर को 24 ग्राम प्रोटीन मिल रहा है, तो 1 मिनट के लिए रुक जाइए! असलियत में आपको सिर्फ 8 से 10 ग्राम प्रोटीन मिल रहा है। जो आप सोच रहे हैं, यह उससे लगभग तीन गुना कम है।

60 की उम्र के बाद प्रोटीन की यही गलत गिनती आपकी टांगों की ताकत, कलाई का दम और शरीर की पूरी एनर्जी को चुरा लेती है।

अक्सर बुजुर्ग शिकायत करते हैं कि वे रोज दाल-रोटी खाते हैं, दही लेते हैं, फिर भी सीढ़ियां चढ़ने में कांपते हैं या पोते को गोद में उठाने में हांफ जाते हैं। आइए मेडिकल साइंस के नजरिए से समझते हैं कि आखिर मसल्स की कमजोरी कैसे दूर करें और आम हिंदुस्तानी डाइट में हम सबसे बड़ी क्या गलती कर रहे हैं।

बुढ़ापा नहीं, यह 'सार्कोपनिया' (Sarcopenia) है!

उम्र बढ़ने के साथ जब शरीर की मांसपेशियां (Muscles) पतली होने लगती हैं और घिसने लगती हैं, तो मेडिकल भाषा में इसे सार्कोपनिया (Sarcopenia) कहा जाता है। भारत में 60 साल से ऊपर के लगभग 40% लोग इस खतरनाक कंडीशन की चपेट में हैं।

हमें लगता है कि यह कमजोरी बढ़ती उम्र (बुढ़ापे) का असर है, लेकिन असल में यह आपकी डाइट में भारी मात्रा में 'प्रोटीन की कमी' का नतीजा होता है।

दाल और दही के प्रोटीन का सबसे बड़ा झूठ

आपने गूगल या किताबों में पढ़ा होगा कि 100 ग्राम मूंग या मसूर दाल में 24-25 ग्राम प्रोटीन होता है। यह नंबर गलत नहीं है, लेकिन यह कच्ची (सूखी) दाल का आंकड़ा है।

जब 100 ग्राम कच्ची दाल पकती है, तो पानी सोखकर वह 300 ग्राम बन जाती है। कोई भी इंसान एक बार में 3 कटोरी पकी हुई दाल नहीं खा सकता। आप जो 1 कटोरी पकी हुई दाल खाते हैं, उसमें सिर्फ 8 से 10 ग्राम प्रोटीन ही होता है।

यही हाल दही का है। लोग सोचते हैं कि 100 ग्राम दही में 10 ग्राम प्रोटीन है, लेकिन वह 'ग्रीक योगर्ट' (Greek Yogurt) होता है। हमारे घरों में जमने वाले आम भारतीय दही में सिर्फ 4 ग्राम प्रोटीन होता है। यानी जो इंसान सोच रहा है कि उसने दिनभर में 50 ग्राम प्रोटीन खाया है, उसने असल में 20 ग्राम भी नहीं खाया!

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60 के बाद मसल्स का 'वोल्टेज' बढ़ाने का नियम

रिसर्च कहती है कि 60 की उम्र के बाद इंसान को अपने वजन के प्रति किलो के हिसाब से 1 से 1.2 ग्राम प्रोटीन रोज लेना चाहिए। (यानी 60 किलो वजन है तो 60-72 ग्राम प्रोटीन रोज चाहिए)।

लेकिन इससे भी ज्यादा जरूरी यह है कि आप एक बार में कितना प्रोटीन खा रहे हैं। उम्र के साथ मसल्स में 'एनाबॉलिक रेजिस्टेंस' (Anabolic Resistance) आ जाता है। यह घर के उस पानी वाले मोटर पंप की तरह है, जिसे अगर कम वोल्टेज मिले तो वह 'घूं-घूं' की आवाज तो करता है, लेकिन पानी नहीं खींच पाता।

अगर आप हर मील (Meal) में सिर्फ 8-10 ग्राम प्रोटीन खाएंगे, तो दिनभर का टोटल तो ठीक हो जाएगा, लेकिन मसल्स बनाने वाला 'स्विच' ऑन ही नहीं होगा। स्विच ऑन करने के लिए एक बार की मील में कम से कम 25 से 30 ग्राम हाई क्वालिटी प्रोटीन होना ही चाहिए।

हर मील में जोड़ें 2 प्रोटीन सोर्स (डाइट प्लान)

सिर्फ 1 कटोरी दाल या 1 गिलास दूध से 30 ग्राम का टारगेट पूरा नहीं होगा। आपको अपनी थाली में हमेशा 2 प्रोटीन सोर्स रखने होंगे:

  • दोपहर का खाना (Lunch): एक कटोरी गाढ़ी दाल + 30 ग्राम सूखी सोयाबीन की सब्जी + 1 कटोरी दही + 1 रोटी। (अगर नॉन-वेज खाते हैं तो दाल की जगह 100g चिकन/फिश लें)।
  • सुबह का नाश्ता (Breakfast): 2 उबले अंडे (या वेजिटेरियन हैं तो 50 ग्राम पनीर की भुर्जी) + स्प्राउट्स या मूंग दाल का चीला + 1 गिलास दूध।
  • रात का खाना (Dinner): रात में खाना हल्का रखें। मूंग दाल की खिचड़ी के साथ थोड़ा पनीर लें।

प्रोटीन डाइट के आम भ्रम और मेडिकल सच्चाई

जो हम सोचते हैं (Myths)मेडिकल सच (Facts)
सिर्फ दाल-रोटी से पूरा प्रोटीन मिल जाता है।1 कटोरी पकी हुई दाल में केवल 8-10g प्रोटीन होता है, जो काफी नहीं है।
घर के जमे 100g दही में 10g प्रोटीन होता है।आम भारतीय दही में सिर्फ 4g प्रोटीन होता है। 10g ग्रीक योगर्ट में होता है।
प्रोटीन खाने से अपने आप ताकत आ जाती है।बिना एक्सरसाइज (Resistance Training) के प्रोटीन मसल्स में काम नहीं करता।

सिर्फ खाने से कुछ नहीं होगा, एक्सरसाइज है जरूरी

सबसे कड़वा सच यह है कि सिर्फ प्रोटीन खाने से आपकी मसल्स नहीं बनेंगी! अगर आप घोड़े को सिर्फ चारा खिलाएंगे और दौड़ाएंगे नहीं, तो वह मोटा होगा, ताकतवर नहीं।

प्रोटीन मसल्स में तभी काम करता है जब मसल्स एक्टिव होती हैं। इसलिए रोजाना 20-30 मिनट पैदल चलें, हल्की सीढ़ियां चढ़ें और ट्रेनर की देखरेख में रेजिस्टेंस ट्रेनिंग (Resistance Training) जरूर करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. क्या 60 की उम्र के बाद प्रोटीन पाउडर लेना सुरक्षित है?

अगर आपकी डाइट से 60g का टारगेट पूरा नहीं हो रहा है, तो डॉक्टर की सलाह से एक अच्छी क्वालिटी का व्हे प्रोटीन (Whey Protein) लिया जा सकता है, यह पूरी तरह सुरक्षित है।

Q2. किडनी पेशेंट्स को प्रोटीन कैसे लेना चाहिए?

अगर आपको किडनी की बीमारी है या क्रिएटिनिन (Creatinine) बढ़ा हुआ है, तो बिना नेफ्रोलॉजिस्ट (Nephrologist) की परमिशन के अपना प्रोटीन इंटेक बिल्कुल ना बढ़ाएं।

Q3. उम्र बढ़ने पर मसल्स कमजोर क्यों होने लगती हैं?

उम्र के साथ शरीर में एनाबॉलिक रेजिस्टेंस बढ़ता है, जिससे शरीर खाने से मिलने वाले प्रोटीन को मसल्स में ठीक से एब्जॉर्ब नहीं कर पाता। इसीलिए बढ़ती उम्र में प्रोटीन की ज्यादा जरूरत होती है।

मेडिकल डिस्क्लेमर:

यह लेख न्यूट्रिशन साइंस की रिसर्च पर आधारित है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अपनी डाइट में अचानक भारी बदलाव करने से पहले, खासकर यदि आपको किडनी, शुगर या यूरिक एसिड की समस्या है, तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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