जिस तरह हर नागरिक की पहचान के लिए आधार कार्ड और बैंक की जानकारी के लिए अकाउंट नंबर होता है, ठीक उसी तरह अब पढ़ाई-लिखाई के लिए सरकार ने एक नया नियम लागू किया है। भारत सरकार ने स्कूल और कॉलेज में पढ़ने वाले सभी छात्रों के लिए अपार एबीसी आईडी कार्ड (APAAR ABC ID Card) बनवाना जरूरी कर दिया है।
इस कार्ड में एक खास नंबर दिया जाता है, जिसमें आपकी पूरी एकेडमिक (Academic) जानकारी और मार्कशीट सेव रहती है। इससे बार-बार मार्कशीट साथ ले जाने का झंझट खत्म हो जाता है। आइए जानते हैं कि बिना किसी दफ्तर के चक्कर काटे, घर बैठे अपने मोबाइल से यह कार्ड कैसे बनाएं और तुरंत डाउनलोड करें।
कार्ड बनाने के लिए डिजिलॉकर (DigiLocker) ऐप है जरूरी
अपार आईडी कार्ड बनाने का सबसे आसान और सरकारी तरीका 'डिजिलॉकर' ऐप है।
- सबसे पहले अपने फोन के गूगल प्ले स्टोर से DigiLocker ऐप इंस्टॉल करें और ओपन करें।
- अपनी पसंदीदा भाषा (जैसे हिंदी या इंग्लिश) चुनें और 'लेट्स गो' (Let's Go) पर क्लिक करें।
- होम पेज पर नीचे 'सर्च' (Search) आइकन पर क्लिक करें और सर्च बार में APAAR ABC टाइप करें।
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अपार आईडी के लिए आधार से लॉगिन कैसे करें?
'अपार एबीसी आईडी कार्ड' दिल्ली (केंद्र सरकार) से जारी होता है, इसलिए सभी राज्यों के छात्रों को इसी विकल्प पर क्लिक करना है:
- कार्ड के लिंक पर क्लिक करते ही आपसे 12 अंकों का [Aadhaar Redacted] कार्ड नंबर मांगा जाएगा।
- अपना आधार नंबर डालें और 'आधार ओटीपी' (Aadhaar OTP) विकल्प चुनें।
- आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा, उसे दर्ज करके 'कम्प्लीट' पर क्लिक करें।
- इसके बाद भविष्य की सुरक्षा के लिए 6 अंकों का एक सिक्योरिटी पिन (M-PIN) सेट करें (आप अपने मोबाइल के शुरू के 6 अंक भी रख सकते हैं)।
स्कूल/कॉलेज की जानकारी कैसे भरें और कार्ड डाउनलोड करें?
लॉगिन होते ही आधार कार्ड का फोटो और आपकी बेसिक जानकारी स्क्रीन पर आ जाएगी। अब आपको दोबारा 'सर्च' में जाकर 'APAAR ABC' खोजना है और मांगी गई जानकारी भरनी है:
- एडमिशन का साल: जिस साल आपने स्कूल या कॉलेज में दाखिला लिया, वह साल चुनें।
- आइडेंटिटी टाइप: यहां आप रोल नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर या 'नन' (None) सेलेक्ट कर सकते हैं।
- संस्थान (Institution) का नाम: यहां सीधे स्कूल या कॉलेज का नाम नहीं मिलेगा। आपको उस यूनिवर्सिटी या बोर्ड का नाम चुनना होगा जिससे आपका स्कूल/कॉलेज मान्यता प्राप्त है (जैसे- CBSE, हरियाणा बोर्ड, दिल्ली यूनिवर्सिटी आदि)।
सब जानकारी भरने के बाद 'गेट डॉक्यूमेंट' (Get Document) पर क्लिक करें। करीब 10 सेकंड में आपका 'अपार एबीसी आईडी कार्ड' फेच होकर तैयार हो जाएगा।
कार्ड डाउनलोड करने का तरीका
कार्ड बन जाने के बाद, उसके सामने दिख रहे 'तीन डॉट (Three Dots)' पर क्लिक करें और 'व्यू पीडीएफ' (View PDF) चुनें। आपका अपार आईडी कार्ड (जिसमें फोटो और आईडी नंबर होगा) स्क्रीन पर आ जाएगा। आप इसका स्क्रीनशॉट ले सकते हैं या इसे डाउनलोड करके प्रिंट भी निकलवा सकते हैं। अगली बार जब भी यह कार्ड देखना हो, तो डिजिलॉकर के 'इशूड' (Issued) सेक्शन में जाकर तुरंत देख सकते हैं।
| अपार आईडी कार्ड: एक नज़र में | |
| कार्ड का पूरा नाम | ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्टर (APAAR) |
| किसके लिए जरूरी है? | स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी के सभी छात्रों के लिए |
| क्या फायदा होगा? | एक ही नंबर पर सारी मार्कशीट और पढ़ाई का रिकॉर्ड सेव रहेगा |
| कहाँ से बनेगा? | भारत सरकार के डिजिलॉकर (DigiLocker) ऐप से 100% फ्री |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q. अपार एबीसी आईडी कार्ड (APAAR ABC ID) क्या है?
Ans. यह भारत सरकार द्वारा छात्रों के लिए जारी एक डिजिटल आईडी कार्ड है, जिसमें आधार कार्ड की तरह एक यूनिक नंबर होता है। इस नंबर से छात्र की पूरी एकेडमिक जानकारी और मार्कशीट्स ऑनलाइन सेव रहती हैं।
Q. अपार आईडी कार्ड बनाने के लिए कौन सा ऐप इस्तेमाल करें?
Ans. यह कार्ड भारत सरकार के ऑफिशियल 'डिजिलॉकर' (DigiLocker) मोबाइल ऐप के जरिए बिल्कुल फ्री में बनाया और डाउनलोड किया जा सकता है।
Q. कार्ड बनाते समय अगर कॉलेज का नाम न मिले, तो क्या करें?
Ans. ऐप में सीधे कॉलेज या स्कूल का नाम नहीं होता। आपको उस बोर्ड (Board) या यूनिवर्सिटी (University) का नाम सेलेक्ट करना होता है, जिससे आपका स्कूल या कॉलेज मान्यता प्राप्त (Affiliated) है।
Q. क्या आधार कार्ड के बिना अपार आईडी बन सकती है?Ans. जी नहीं, अपार आईडी कार्ड बनाने के लिए 12 अंकों का आधार नंबर और उस आधार से जुड़ा (लिंक) मोबाइल नंबर होना अनिवार्य है, क्योंकि वेरिफिकेशन ओटीपी (OTP) के जरिए ही होता है।
Q. कार्ड बनने के बाद उसे दोबारा कहां से डाउनलोड कर सकते हैं?
Ans. एक बार कार्ड जनरेट होने के बाद, वह आपके डिजिलॉकर ऐप के 'इशूड' (Issued) सेक्शन में हमेशा के लिए सेव हो जाता है, जहां से आप इसे कभी भी डाउनलोड कर सकते हैं।
विशेषज्ञ अस्वीकरण: यह जानकारी भारत सरकार की 'वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी' पहल पर आधारित है। कार्ड बनाने की प्रक्रिया और सर्वर की स्पीड डिजिलॉकर ऐप के अपडेट्स और आपके इंटरनेट कनेक्शन पर निर्भर कर सकती है।








