अरबी के पत्ते के फायदे और कच्चा खाने के खतरनाक नुकसान

प्रोटीन और विटामिन सी से भरपूर अरबी का पत्ता वजन कम करने और स्किन को जवां रखने में मददगार है। जानिए इसके अनोखे फायदे और कच्चा खाने के खतरनाक नुकसान।

बारिश का मौसम आते ही हमारे घरों में पकौड़े और कई तरह की हरी सब्जियों की डिमांड बढ़ जाती है। इन्हीं में से एक है अरबी का पत्ता, जिसे अंग्रेजी में 'टैरो लीव्स' (Taro Leaves) या 'एलीफेंट ईयर' भी कहा जाता है। देखने में दिल के आकार का यह पत्ता स्वाद में तो लाजवाब होता ही है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अरबी के पत्ते के फायदे (Arbi ke patte ke fayde) किसी महंगी दवा से कम नहीं हैं? अलका मेडिकल क्लासेस की डॉ. अलका ठाकुर के अनुसार, इसमें मौजूद प्रोटीन और विटामिंस आपके शरीर की रंगत बदल सकते हैं। हालांकि, इसे पकाने और खाने का एक खास नियम है, जिसे न मानने पर आपको गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

5 मुख्य बातें

  • अरबी के पत्ते में 4 ग्राम हाई प्रोटीन और सिर्फ 35 कैलोरी होती है, जो इसे बेहतरीन बनाती है।
  • यह शरीर में विटामिन सी (57%) और विटामिन ए (34%) की दैनिक जरूरत को आसानी से पूरा करता है।
  • इन पत्तों को कभी भी कच्चा नहीं खाना चाहिए, इसमें मौजूद कैल्शियम ऑक्सिलेट गले में गंभीर सूजन कर सकता है।
  • इसमें मौजूद 'टैरिन' (Tarin) प्रोटीन सफेद रक्त कोशिकाओं (WBCs) को बढ़ाकर कैंसर जैसी बीमारियों से बचाता है।
  • स्किन के लिए यह नेचुरल कोलेजन का काम करता है, जो झुर्रियों को दूर कर चेहरे को जवान बनाता है।

प्रोटीन और विटामिंस का पावरहाउस

आमतौर पर हरी पत्तियों में प्रोटीन कम पाया जाता है, लेकिन अरबी के पत्तों में भरपूर 4 ग्राम प्रोटीन होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसमें कैलोरी सिर्फ 35 होती है और 3 ग्राम डाइटरी फाइबर मौजूद होता है।

इसके अलावा, यह विटामिन सी का खजाना है। सिर्फ इसकी सब्जी खाने से शरीर की 57% विटामिन सी की जरूरत पूरी हो जाती है, जो खून बनाने में बहुत मददगार है। इसमें ल्यूटिन, बीटा कैरोटीन और विटामिन ए (34%) भी अच्छी मात्रा में होता है, जो आपकी आंखों के कॉर्निया को सुरक्षित और हेल्दी रखता है।

वजन कम करने और ब्लड प्रेशर में मददगार

जो लोग अपने बढ़ते बेली फैट (पेट की चर्बी) से परेशान हैं, उनके लिए अरबी के पत्ते की सब्जी बहुत काम आ सकती है। यह शरीर में फैट को जमने नहीं देता है।

यह लिवर को सपोर्ट करता है जिससे बाइल जूस (Bile juice) सही से निकलता है, जो फैट को गलाने और खाना पचाने में मदद करता है। इसमें 'मिथियोनिन' नाम का एक अमीनो एसिड और 14% पोटेशियम होता है, जो ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के मरीजों के लिए इसे काफी फायदेमंद बनाता है।

यह भी पढ़ें : पानी पीने का सही तरीका और आपके RO का TDS

प्रेगनेंसी और स्किन (कोलेजन) के लिए खास

प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए अरबी के पत्ते बहुत फायदेमंद साबित हो सकते हैं, बशर्ते इसे अच्छी तरह पकाकर हफ्ते में 1-2 बार ही खाया जाए। इसमें 10% आयरन और 17% फोलेट होता है। यह फोलेट गर्भ में पल रहे बच्चे के ब्रेन और स्पाइनल कॉर्ड (रीढ़ की हड्डी) के विकास में मदद करता है और जन्मजात विकलांगता (Birth defects) के खतरे को कम करता है।

इसके अलावा, आज के समय में लोग स्किन को जवां रखने के लिए हजारों रुपए के कोलेजन सप्लीमेंट्स खाते हैं। अरबी के पत्ते स्किन में नेचुरल कोलेजन और इलास्टिन को मेंटेन करते हैं, जिससे चेहरा चमकदार रहता है।

कैंसर कोशिकाओं से लड़ने वाला 'टैरिन' प्रोटीन

अरबी के पत्तों में फिनोल्स और फ्लेवोनोइड्स के साथ एक बहुत ही अनोखा प्रोटीन पाया जाता है, जिसे 'टैरिन' (Tarin) कहते हैं।

डॉ. ठाकुर के अनुसार, यह प्रोटीन शरीर की सेना यानी सफेद रक्त कोशिकाओं (White Blood Cells) की संख्या और ताकत को बहुत ज्यादा बढ़ा देता है। इसके प्रभाव से शरीर का इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और यह कैंसर या ट्यूमर में बदलने वाली कोशिकाओं को खत्म करने (एंटी-कैंसर) में मदद कर सकता है।

भूलकर भी कच्चा न खाएं, गले में होगी सूजन

अरबी के पत्तों को कभी भी कच्चा नहीं खाना चाहिए और इसके डंठल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। कच्चे पत्तों में भारी मात्रा में कैल्शियम ऑक्सिलेट पाया जाता है, जो एक तरह का जहर (Poisonous) साबित हो सकता है।

इसे कच्चा खाने पर गले और मुंह में तेज जलन, भारी सूजन और खराश हो सकती है, जिससे गला चोक (Choke) भी कर सकता है। इसे कम से कम 15-20 मिनट तक अच्छी तरह उबालकर पकाना चाहिए। पकाते समय इसमें नींबू या इमली का पानी जरूर डालें, ताकि इसका कांटा (खराश) पूरी तरह मर जाए।

किसे नहीं खाने चाहिए अरबी के पत्ते?

अरबी के पत्तों को कभी भी रात के समय या सुबह खाली पेट नहीं खाना चाहिए, क्योंकि पकने के बाद भी इसमें थोड़ा बहुत कैल्शियम ऑक्सिलेट बच सकता है, जो खाली पेट भारी पड़ता है।

अगर आपको किडनी स्टोन (पथरी) की बार-बार समस्या होती है, किडनी में ट्यूमर या इंफेक्शन है, तो आपको यह पत्ता बिल्कुल नहीं खाना चाहिए। इसके अलावा, जिन लोगों का पेट बहुत सेंसिटिव है, पेट में अल्सर है या जो ब्लड को पतला करने वाली दवाइयां खा रहे हैं, उन्हें भी इसके सेवन से पूरी तरह बचना चाहिए।

भ्रम (Myths)सच्चाई (Facts)
अरबी के पत्तों को हल्का उबालकर या कच्चा सलाद में खाया जा सकता है।यह हाईली पॉइजनस होता है। इसमें मौजूद कैल्शियम ऑक्सिलेट गले को चोक कर सकता है।
अरबी के पत्ते सिर्फ स्वाद के लिए होते हैं, इनमें कोई न्यूट्रिशन नहीं होता।इनमें 4 ग्राम हाई प्रोटीन, विटामिन सी और आंखों के लिए विटामिन ए होता है।
किडनी स्टोन वाले मरीजों को अरबी के पत्ते खाने चाहिए।कैल्शियम ऑक्सिलेट होने के कारण पथरी के मरीजों को यह पत्ता बिल्कुल नहीं खाना चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q. अरबी के पत्ते के क्या फायदे हैं?

Ans. अरबी के पत्ते वजन कम करने, आंखों की रोशनी बढ़ाने, कोलेजन बनाने और शरीर के वाइट ब्लड सेल्स (WBC) को मजबूत करने में काफी मदद करते हैं।

Q. अरबी के पत्ते खाने से गले में खराश क्यों होती है?

Ans. इन पत्तों में भारी मात्रा में 'कैल्शियम ऑक्सिलेट' होता है। सही से न पकाने पर यही तत्व गले और मुंह में खराश, जलन या सूजन पैदा करता है।

Q. अरबी के पत्ते बनाते समय क्या ध्यान रखना चाहिए?

Ans. इन्हें कम से कम 15 से 20 मिनट तक अच्छे से उबालकर पकाना चाहिए और पकाते वक्त इसमें इमली का पानी या नींबू जरूर डालना चाहिए।

Q. क्या प्रेग्नेंट महिलाएं अरबी के पत्ते खा सकती हैं?

Ans. जी हां, अच्छी तरह पके हुए अरबी के पत्ते हफ्ते में 1-2 बार खाए जा सकते हैं। इसमें मौजूद फोलेट बच्चे के दिमागी विकास में मदद करता है।

Q. अरबी के पत्तों पर पानी क्यों नहीं टिकता है?

Ans. अरबी के पत्ते हाइड्रोफोबिक होते हैं। इनके ऊपर 'क्यूटिन' (Cutin) और पेक्टिन वैक्स की एक परत होती है, जिससे पानी इन पर टिकने के बजाय फिसल जाता है।

चिकित्सा अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख सामान्य जानकारी पर आधारित है। अरबी का पत्ता एक पौष्टिक आहार है, कोई जादुई दवा नहीं। यदि आपको किडनी स्टोन, पेट का अल्सर है या आप खून पतला करने की दवा ले रहे हैं, तो इसके सेवन से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

Join Me Digital Media से जुड़ें
हर बड़ी खबर सबसे पहले पाने के लिए फॉलो करें
Latest & Recommended

You've caught up with all stories!