क्या कभी आपके साथ ऐसा हुआ है कि आप दोस्तों या परिवार के साथ बैठे हों, और एक ही आदमी बार-बार हाथ-पैर खुजा रहा हो? वही छत, वही पंखा, लेकिन मच्छर सिर्फ एक ही इंसान को नोच रहे होते हैं।
ऐसे में दादी-नानी का वो पुराना डायलॉग याद आता है— "भैया, तुम्हारा खून बहुत मीठा है, इसलिए मच्छर तुम्हें ही काट रहे हैं!" लेकिन क्या इस बात में कोई सच्चाई है? क्या सच में मच्छरों को आपसे 'इश्क' हो गया है?
अमेरिका और नीदरलैंड के वैज्ञानिकों ने जब इस बात पर रिसर्च की कि मच्छर किसे ज्यादा काटते हैं (Machhar kise jyada katte hain), तो नतीजे हैरान करने वाले थे।
मीठा खून नहीं, ये 'गैस' है मच्छरों का रडार
वैज्ञानिकों के अनुसार, मच्छरों को आपके मीठे खून से कोई मतलब नहीं है। मच्छर कई मीटर दूर से ही इंसान की सांसों से निकलने वाली कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) गैस को सूंघ लेते हैं। आप उन्हें देख भी नहीं पाते और वो आपको अपना शिकार बना चुके होते हैं।
काटने का सारा काम सिर्फ 'मादा मच्छर' (Female Mosquito) करती है, क्योंकि उसे अंडे बनाने के लिए खून के प्रोटीन की जरूरत होती है। नर मच्छर केवल पौधों का रस पीकर गुजारा करते हैं।
जिस इंसान का शरीर जितनी तेजी से काम करता है, वो उतनी ही ज्यादा CO2 छोड़ता है। इसीलिए बड़े आकार वाले लोग, या पार्क में दौड़ लगाकर (कसरत करके) हांफने वाले लोग मच्छरों का सबसे आसान शिकार बनते हैं। कसरत के दौरान शरीर गर्म होता है और पसीना निकलता है—यानी ज्यादा CO2, ज्यादा गर्मी और ज्यादा पसीना मच्छरों के लिए एक शानदार दावत बन जाता है।
प्रेग्नेंट महिलाओं पर 2 गुना ज्यादा हमला क्यों?
अफ्रीका के गैंबिया (Gambia) में हुई एक मेडिकल रिसर्च से पता चला कि गर्भवती (Pregnant) महिलाओं को आम महिलाओं के मुकाबले दोगुने मच्छर काटते हैं।
इसके पीछे का विज्ञान यह है कि प्रेग्नेंसी के आखिरी महीनों में महिलाएं आम दिनों के मुकाबले लगभग 20% ज्यादा हवा (CO2) बाहर छोड़ती हैं। इसके अलावा, उनके पेट के आसपास के शरीर का तापमान भी थोड़ा अधिक होता है। यही बढ़ा हुआ तापमान और सांसों की महक मच्छरों को चुंबक की तरह खींचती है।
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'O' ब्लड ग्रुप और मीठे खून का असली सच
हर घर में एक बात जरूर सुनी जाती है कि 'O' ब्लड ग्रुप (O Blood Group) वालों को मच्छर ज्यादा काटते हैं।
साल 2004 में जापान और 2019 में श्रीलंका में हुए प्रयोगों में लैब के अंदर मच्छरों ने सच में 'O' ब्लड ग्रुप वाले खून को ज्यादा चुना। लेकिन, कई बड़े वैज्ञानिक इसे पक्का सबूत नहीं मानते, क्योंकि ये प्रयोग बहुत कम लोगों पर या मशीनों में रखे खून पर हुए थे, असली जीवित इंसानों पर नहीं।
रही बात 'मीठे खून' की, तो मेडिकल साइंस में इसका कोई वजूद ही नहीं है। मच्छर आपकी त्वचा पर बैठने से पहले ही आपकी सांस और महक से आपको चुन चुका होता है। खून चखने से पहले उसे पता ही नहीं होता कि खून मीठा है या खट्टा!
वो कौन सी महक है जो मच्छरों को खींचती है?
मच्छर के लिए हर इंसान की महक उसके फिंगरप्रिंट की तरह अलग होती है। हमारी त्वचा पर लाखों बैक्टीरिया (Bacteria) होते हैं, जो पसीने को तोड़कर कुछ खास तरह के एसिड (Chemicals) बनाते हैं।
यही एसिड आपकी एक अलग 'महक' बनाते हैं। अमेरिका की एक यूनिवर्सिटी ने जब लोगों को नायलॉन के मोजे पहनाकर मच्छरों के सामने रखे, तो पता चला कि कुछ खास एसिड वाली महक डेंगू फैलाने वाले मच्छरों को 100 गुना ज्यादा आकर्षित कर रही थी। और सबसे डरावनी बात यह थी कि 3 साल बाद भी मच्छर उसी महक वाले इंसान को सबसे ज्यादा काट रहे थे। यानी आप शैंपू बदलें या साबुन, मच्छर आपको पहचान ही लेगा।
| भ्रांतियां (Myths) | वैज्ञानिक सच (Facts) |
| खून मीठा होने से मच्छर काटते हैं। | खून का मीठा या खट्टा होना विज्ञान में कुछ नहीं होता। |
| 'O' ब्लड ग्रुप वालों को मच्छर ढूंढकर काटते हैं। | इसके अभी तक 100% पक्के वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं हैं। |
| लहसुन खाने से मच्छर पास नहीं आते। | लहसुन का मच्छरों को भगाने से कोई संबंध साबित नहीं हुआ है। |
| परफ्यूम लगाने से मच्छर भाग जाते हैं। | खुशबू त्वचा की प्राकृतिक महक को मच्छरों से नहीं छिपा सकती। |
बीयर और काले कपड़े: मच्छरों को खुला न्योता
अगर आप शाम को अलमारी से निकालकर काले या गहरे रंग के कपड़े पहनते हैं, तो संभल जाइए। सांस सूंघने के बाद मच्छर आंखों से अपना शिकार ढूंढता है, और गहरे रंग के कपड़े उसे सबसे आसानी से दिख जाते हैं।
जापान की एक स्टडी के अनुसार, सिर्फ 350 ml (एक कैन) बीयर (Beer) पीने के बाद लोगों पर मच्छरों का हमला तेजी से बढ़ गया। हालांकि, वैज्ञानिक आज तक इसकी पक्की वजह नहीं खोज पाए हैं कि शराब और मच्छरों के बीच क्या कनेक्शन है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. मच्छर अंधेरे में भी इंसान को कैसे ढूंढ लेते हैं?
मच्छर इंसान की सांस से निकलने वाली कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) गैस और शरीर की गर्मी (Body Heat) को अपने सेंसर्स के जरिए कई मीटर दूर से पहचान लेते हैं।
Q2. क्या लहसुन खाने से मच्छर दूर रहते हैं?
नहीं, यह सिर्फ एक पुरानी कहावत है। मेडिकल साइंस में इस बात का कोई सबूत नहीं है कि लहसुन खाने से मच्छर आपको काटना बंद कर देंगे।
Q3. मच्छरों से बचने का सबसे वैज्ञानिक तरीका क्या है?
मच्छरों से बचने के लिए पूरी बांह के हल्के रंग के कपड़े पहनें, पंखा चलाकर रखें, मच्छरदानी का इस्तेमाल करें और प्रमाणित मॉस्किटो रिपेलेंट क्रीम या स्प्रे लगाएं।
Disclaimer: यह लेख मेडिकल रिसर्च, यूनिवर्सिटी स्टडीज पर आधारित है। बीमारियों (जैसे डेंगू, मलेरिया) की स्थिति में हमेशा विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लें।










