घर में जब किसी नन्हे मेहमान के आने की आहट होती है, तो खुशियों के साथ-साथ खर्चों की चिंता भी सताने लगती है। महिलाओं के अच्छे स्वास्थ्य और पोषण को ध्यान में रखते हुए, भारत सरकार और मोदी सरकार एक बहुत ही महत्वाकांक्षी योजना चला रही है। इस योजना का नाम है पीएम मातृ वंदना योजना (PM Matru Vandana Yojana), जिसके तहत देश की माताओं और बहनों को 11,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में दी जा रही है। अगर आपके घर में भी कोई महिला गर्भवती है या बच्चे का जन्म हो चुका है, तो आप बिना किसी परेशानी के इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि इस योजना का लाभ लेने के लिए बीपीएल (BPL) कार्ड का होना जरूरी नहीं है।
5 मुख्य बातें
- इस योजना में महिलाओं को कुल ₹11,000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
- पहली संतान (लड़का या लड़की) होने पर ₹5,000 दो किस्तों में मिलते हैं।
- दूसरी संतान अगर लड़की है, तो सरकार की तरफ से ₹6,000 अतिरिक्त दिए जाते हैं।
- अब इस योजना के फॉर्म ऑनलाइन नहीं भरे जाते, बल्कि आंगनबाड़ी केंद्र के जरिए अप्लाई करना होता है।
- पति और पत्नी दोनों का आधार कार्ड, बैंक खाता और आंगनबाड़ी का कार्ड होना बेहद जरूरी है।
मातृ वंदना योजना क्या है और कब शुरू हुई?
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की शुरुआत 1 जनवरी 2017 को भारत सरकार द्वारा की गई थी। यह योजना 'महिला एवं बाल विकास विभाग' यानी आंगनबाड़ी विभाग के अंतर्गत आती है। यह योजना देश भर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की महिलाओं के लिए लागू है।
योजना की लाभार्थी वह महिला होती है जो या तो गर्भवती है या फिर जिसने हाल ही में बच्चे को जन्म दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह योजना डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) पर काम करती है, जिसका मतलब है कि सारा पैसा सीधे महिला के बैंक खाते में भेजा जाता है। पोर्टल के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पूरे भारत में अब तक 4 करोड़ 39 लाख से ज्यादा महिलाएं इस योजना का लाभ ले चुकी हैं और सरकार 677 करोड़ रुपये की भारी रकम सीधे महिलाओं के खाते में ट्रांसफर कर चुकी है।
11,000 रुपये का गणित: किसे और कैसे मिलेंगे पैसे?
इस योजना का सबसे बड़ा आकर्षण यह है कि इसमें लड़का और लड़की दोनों को महत्व दिया गया है, लेकिन बेटियों को विशेष प्रोत्साहन मिला है।
- पहली संतान पर लाभ: अगर महिला पहली बार मां बन रही है, तो चाहे लड़का हो या लड़की, उसे ₹5,000 की आर्थिक मदद दी जाती है। यह राशि दो किस्तों में मिलती है—पहली किस्त ₹3,000 की और दूसरी किस्त ₹2,000 की होती है।
- दूसरी संतान पर लाभ: अगर दूसरी बार भी संतान जन्म लेती है और वह लड़की (बेटी) है, तो सरकार की तरफ से सीधे ₹6,000 की सहायता दी जाती है। हालांकि, अगर दूसरी संतान लड़का होता है, तो इस योजना के तहत कोई पैसा (₹0) नहीं मिलता है।
कुल मिलाकर एक महिला इस योजना से अधिकतम 11,000 रुपये (5000 + 6000) का लाभ उठा सकती है।
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फॉर्म भरने के लिए कौन से कागजात हैं जरूरी?
इस योजना का लाभ लेने के लिए आपके पास कुछ बेसिक और बहुत जरूरी कागजात होने चाहिए। अगर इनमें से कोई भी कागज कम है, तो पैसे खाते में नहीं आएंगे:
- आधार कार्ड: महिला और उसके पति, दोनों का आधार कार्ड होना अनिवार्य है।
- बैंक खाता: महिला के नाम पर एक सक्रिय बैंक खाता होना चाहिए, जिसमें पैसे भेजे जाएंगे।
- मोबाइल नंबर: ऑनलाइन प्रक्रिया और रजिस्ट्रेशन नंबर की जानकारी के लिए एक चालू मोबाइल नंबर।
- आंगनबाड़ी कार्ड: आंगनबाड़ी वर्कर द्वारा दिया गया सीएनसी (CNC) कार्ड।
- जन्म प्रमाण पत्र: अगर बच्चे का जन्म हो चुका है, तो उसका जन्म प्रमाण पत्र (अगर बच्चा अभी पेट में है, तो इसकी जरूरत नहीं है)।
- फोटो: महिला की एक लाइव या पासपोर्ट साइज फोटो।
अब ऑनलाइन नहीं, यहां से भरा जाएगा फॉर्म
साल 2023-24 तक इस योजना का फॉर्म पोर्टल पर 'सिटीजन लॉगिन' के जरिए घर बैठे ऑनलाइन भरा जा सकता था। लेकिन, नए नियमों के तहत अब इस ऑनलाइन विकल्प को पोर्टल से हटा दिया गया है।
अब आप सीएससी (CSC) सेंटर या खुद से इंटरनेट के जरिए फॉर्म नहीं भर सकते। इसका फॉर्म भरने के लिए आपको अपने गांव या शहर के वार्ड के नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र में ही जाना होगा। आंगनबाड़ी विभाग की महिलाओं को उनके मोबाइल ऐप में एक खास लॉगिन आईडी और पासवर्ड दिया गया है। वे आपके सारे कागजात लेंगी और अपने ऐप के जरिए आपका फॉर्म अप्लाई कर देंगी।
फॉर्म जमा होने के बाद आपको एक बेनिफिशरी रजिस्ट्रेशन नंबर दे दिया जाएगा। इस नंबर की मदद से आप PMMVY के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने पैसों का 'स्टेटस ट्रैक' (Status Track) कर सकती हैं।
| भ्रम (Myths) | सच्चाई (Facts) |
| मातृ वंदना योजना का लाभ सिर्फ बीपीएल (BPL) परिवारों को मिलता है। | यह योजना बीपीएल और बिना बीपीएल, सभी वर्गों की महिलाओं के लिए उपलब्ध है। |
| दूसरी संतान लड़का होने पर भी पैसे मिलते हैं। | दूसरी संतान सिर्फ लड़की होने पर ही ₹6,000 की सहायता राशि दी जाती है। |
| इस योजना का फॉर्म मोबाइल से घर बैठे भरा जा सकता है। | अब ऑनलाइन सिटीजन लॉगिन बंद हो गया है, फॉर्म सिर्फ आंगनबाड़ी केंद्र से ही भरा जाएगा। |
| बच्चे के जन्म के बाद इस योजना का लाभ नहीं ले सकते। | अगर बच्चे का जन्म हो चुका है, तब भी जन्म प्रमाण पत्र लगाकर योजना का लाभ लिया जा सकता है। |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत कुल कितने पैसे मिलते हैं?
Ans. इस योजना के तहत महिलाओं को कुल ₹11,000 तक की सहायता मिलती है (पहली संतान पर ₹5,000 और दूसरी बेटी होने पर ₹6,000)।
Q. क्या इस योजना का फॉर्म सीएससी (CSC) सेंटर से भरवा सकते हैं?
Ans. जी नहीं, अब सीएससी सेंटर या ऑनलाइन सिटीजन लॉगिन से फॉर्म नहीं भरे जाते। आपको नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र पर ही जाना होगा।
Q. मातृ वंदना योजना में पति का आधार कार्ड क्यों चाहिए?
Ans. सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए महिला के साथ-साथ उसके पति का आधार कार्ड भी अनिवार्य रूप से मांगा जाता है।
Q. क्या दूसरी संतान लड़का होने पर भी 6000 रुपये मिलेंगे?
Ans. नहीं, 6000 रुपये की दूसरी सहायता राशि सिर्फ तभी मिलती है जब घर में दूसरी बार बेटी (लड़की) का जन्म होता है। लड़का होने पर कुछ नहीं मिलता।
Q. अपने फॉर्म या पैसों का स्टेटस कैसे चेक करें?
Ans. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा फॉर्म भरने के बाद मिले रजिस्ट्रेशन नंबर की मदद से आप PMMVY के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं।
चिकित्सा अस्वीकरण (Disclaimer): यह जानकारी उपलब्ध सरकारी घोषणाओं पर आधारित है। योजना के नियम, पात्रता और आवेदन की प्रक्रिया में समय-समय पर बदलाव हो सकते हैं। सटीक जानकारी के लिए हमेशा अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र या महिला एवं बाल विकास विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर ही संपर्क करें।








