यादव जी ने 30-40 भैंसों के बजाय रिस्क कम करने के लिए सिर्फ 2 भैंसों से डेयरी फार्मिंग की शुरुआत की थी।
दूध बेचकर और मुनाफा जोड़कर आज 9-10 सालों में उनके पास 40 भैंसों (बच्चों सहित) का शानदार फार्म है।
वे पंजाब की मंडी से 2.5 लाख से 3 लाख रुपये तक की टॉप नस्ल की मुर्रा भैंसें लाते हैं, जो 18 लीटर दूध देती हैं।
भैंसों को बाहर मैदान में बांधने से शेड की धुलाई अच्छे से होती है और कीड़े-मच्छरों से बचाव होता है।
दूध देने वाली भैंसों को ही दाना (राशन) दिया जाता है, जबकि ड्राई भैंसों को सिर्फ हरा चारा और भूसा मिलता है।
नए लोगों को एक साथ ज्यादा भैंसें नहीं खरीदनी चाहिए, वरना ड्राई पीरियड में दाना खिलाना भारी पड़ सकता है।
नए फार्मर्स को पहली ब्यात की भैंस क्यों नहीं लेनी चाहिए? डेयरी का पूरा सच जानने के लिए स्वाइप अप करें।